
3 साल, 3719 शिकायत, 3372 का समाधान, 338 पर केस दर्ज
यह है जींद के महिला पुलिस थाना का रिकार्ड
जींद। 3 साल, 37 शिकायत, 3372 का समाधान और 338 पर केस दर्ज। यह है जींद के महिला पुलिस थाने का रिकार्ड, जिसे महिलाओं को जल्द इंसाफ और राहत दिलवाने के लिए बनाया गया है।
जींद में 28 अगस्त 2015 को महिला पुलिस थाना अस्तित्व में आया था। तब से लेकर अब तक महिलाओं को न्याय दिलाने में थाना कारगर भूमिका निभा रहा है। अब तक महिला पुलिस थाना में 3710 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें से 338 शिकायतों पर माम
ले दर्ज किए जबकि अन्य शिकायतों का आपसी बातचीत से महिला थाना पुलिसकर्मियों द्वारा समझौता करवा दिया गया। महिला थाने में अब तक प्राप्त 3719 शिकायतों में 3372 का समाधान करवाया गया है। महिलाओं को पुलिस थानों में अपनी शिकायत दर्ज करवाने में किसी प्रकार शर्म और परेशानी नहीं हो, इस उद्देश्य से महिला पुलिस थाने खुलवाए गए थे। इससे पहले पुरूषों के सामने अपनी शिकायत दर्ज करवाने में कई तरह की परेशानियों का सामना महिलाओं को करना पड़ता था। वह पुरूषों के सामने अपनी शिकायत को दर्ज करवाने और आपबीती को बताने में शर्माती थी।
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महिला हैल्प लाइन पर अब तक 16340 काल प्राप्त
महिला हैल्प लाइन भी महिलाओं की सुरक्षा के लिए कारगर साबित हुई। शुरूआती दौर से अब तक महिला हैल्प लाइन पर शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। महिला हैल्प लाइन से वर्ष 2015 से अब तक महिला पुलिस थाना को 16340 कॉल आई। हैल्प लाइन के माध्यम से आई 16340 काल में से 5681 शिकायतों पर मामला दर्ज हुआ। साल 2015 में 4333 कॉल आई जबकि 1364 शिकायतें हैल्प लाइन से मिली। इसी तरह वर्ष 2016 में 3635 कॉल महिला हैल्प लाइन पर आई और 1167 काल पर शिकायत दर्ज हुई। वर्ष 2017 में महिला हैल्पलाइन को 6966 काल मिली और 2829 काल पर शिकायत दर्ज हुई। इसी तरह वर्ष 2018 में अब तक महिला हैल्प लाइन को 1406 कॉल आई और इनमें से 321 पर मामले दर्ज हुए।
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महिलाएं अपराध के सामने नहीं झुकें : संतोष
महिला पुलिस थाना प्रभारी संतोष ने कहा कि महिलाएं अपने ऊपर किसी प्रकार के अपराध को कभी बर्दाश्त नहीं करें। अगर कोई व्यक्ति घर, परिवार या फिर समाज में महिलाओं के आत्मसम्मान के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करे तो महिलाओं को तुरंत ऐसे असामाजिक व्यक्ति के खिलाफ महिला थाने में आकर अपनी शिकायत दर्ज करवानी चाहिए। इस पर महिला महिला हैल्पलाइन नंबर 1091 पर भी कॉल कर सकती हैं। इससे भी पीडि़त महिला को न्याय दिलाने का काम किया जाता है। महिला थाने में आने वाली शिकायत का प्रथम प्रयास बातचीत से समझौता करवाने का होता है, लेकिन फिर भी बात सिरे नहीं चढ़ती तो वह तुरंत प्रभाव से पीडि़ता की शिकायत पर मामला दर्ज कर दिया जाता है।
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