Friday, 24 November 2017

आजाद किसान मिशन ने सुलगा दी रैली से पहले आंदोलन की चिंगारी










हिंदी आंदोलन में हिस्सा लेने वाले सत्याग्रहियों को दी जाएगी पैंशन राशि

जींद  : डीसी अमित खत्री ने बताया कि हिंदी आंदोलन 1957 में हिस्सा लेने वाले मातृभाषा सत्याग्रहियों को 10 हजार रुपए सम्मान पैंशन देने की घोषणा सरकार द्वारा की गई है। इस घोषणा को 25 नवम्बर के दिन अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में कुरुक्षेत्र में मूर्त रूप दिया जाएगा। इस अंतरराष्ट्रीय महोत्सव के मौके पर प्रदेश भर के 11 मातृभाषा सत्याग्रहियों को प्रतीकात्मक रूप से पैंशन राशि देकर सम्मानित किया जाएगा। 11 जिलों से 11 मातृभाषा सत्याग्रहियों को आमंत्रित किया गया है। जींद जिला के श्रीरागखेड़ा निवासी मातृभाषी सत्याग्रही रामकिशन शास्त्री को 25 नवम्बर के दिन कुरूक्षेत्र में यह पैंशन राशि उपलब्ध करवाई जाएगी। डीसी ने बताया कि जींद जिला के कुल 19 मातृभाषा सत्याग्रही है। इनमें 8 पुरूष सत्याग्रही जीवित हैं। इसके अलावा स्वर्गीय सत्याग्रहियों की 11 विधवाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र में आयोजित होने वाले मातृभाषा सत्याग्रही सम्मान पैंशन प्राप्त करने वाले सत्याग्रही को लाने ले जाने का जिम्मा जिला प्रशासन का है। इसके लिए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अधिकारी क ी डयूटी लगाई गई हैं। 

शादी के दिन चाहिए कन्यादान तो एक माह पहले करें आन लाइन आवेदन

कन्यादान योजना के लिए जिले को मिले 5.49 करोड़

जींद : मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत कन्यादान की राशि शादी के दिन चाहिए तो इसके लिए शादी से एक महीना पहले आन लाइन आवेदन करना होगा। योजना के लिए जींद को 5.49 करोड़ रूपए का बजट मिला है। 
जिला कल्याण विभाग ने पिछले वर्ष इस योजना के तहत जिले के 2010 लोगों को लगभग साढ़े 5 करोड़ रूपए दिए थे। इस वित्तीय वर्ष में इस योजना के लिए 5.49 करोड़ का बजट विभाग को मिला है। अभी तक लगभग 1 हजार से ज्यादा लोगों ने इसका लाभ लिया है। विभाग ने समय पर प्रार्थी को इसका लाभ देने के लिए आन लाइन आवेदन लेने शुरू किए हैं। इसके लिए लाभार्थी को अपना आन लाइन आवेदन विभाग की वैबसाइट पर सबमिट करवाना होगा। प्रदेश सरकार द्वारा जिला कल्याण विभाग के माध्यम से मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना  का लाभ अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्ग और सामान्य वर्ग के गरीब परिवारों को उनकी लड़कियों की शादी पर शगुन के रूप दिया जाता है।  शादी के पहले आवेदन नहीं करने की सूरत में यह राशि प्रार्थी को शादी के समय नहीं मिल पाती थी। अब समाज कल्याण विभाग पात्र लोगों को शादी के दिन पैसे देने के लिए गंभीर हुआ है। शादी के दिन शगुन की राशि प्राप्त करने के लिए शादी से एक माह पूर्व आन लाइन आवेदन करना पड़ेगा।  
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यह है मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना 
सीएम ने प्रदेश में गरीब लोगों को उनकी बेटी की शादी के लिए मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना शुरू की है। इस योजना के तहत तहत विधवा औरत की बेटी को 51 हजार रूपए और अनूसुचित जाति वर्ग और बीपीएल परिवार को 41 हजार रूपए दिए जाते हैं। इसके अतिरिक्त 11 हजार रूपए उन परिवारों को दिए जाते हैं, जिनकी आमदनी 1 लाख रूपए से कम हो। 
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यह हंै पात्रता के नियम
योजना के तहत लाभ पात्र परिवार की लड़की की आयु शादी के समय 18 वर्ष होनी जरूरी है। आवेदन के समय लड़की और लड़के की आयु के प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक , रिहायशी प्रमाण पत्र, शादी कार्ड के फोटो को साथ में अपलोड करना जरूरी है। 
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 विभाग की नीति समय पर शगुन राशि देने की : बिश्नोई
जिला समाज कल्याण अधिकारी जगतराम बिश्नोई ने कहा कि विभाग की नीति शादी के समय पर शगुन राशि देने की है। लोगों को इस बारे में जागरूक किया जा रहा है कि वह शादी से एक माह पहले आन लाइन आवेदन करें ताकि शगुन राशि को समय पर ले सकें। 

यू डाइस डाटा नहीं भरने वाले मुखियाओं की खैर नहीं

जींद : यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इन्फार्मेशन सिस्टम (यू डाइस) डाटा नहीं भरने वाले सरकारी और निजी स्कूल इंचार्जों पर कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग के पास यू डाइस प्रपत्र जमा नहीं करवाने वाले स्कूल संचालकों के खिलाफ शिक्षा विभाग कार्रवाई करेगा। इसके लिए शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारी और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर 28 नवम्बर तक यू डाइस डाटा जमा करवाने होंगे।
सरकारी स्कूलों और निजी स्कूलों की यू डाइस प्रपत्र में स्कूल संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी देनी होगी। यह जानकारी एमआइएस पोर्टल पर पहले से अपलोड किए डाटा से भी मिलनी जरूरी है। इसके तहत 28 नवम्बर से डाटा यू डाइस पर भरा जाना जरूरी है। शिक्षा विभाग के पास यू डाइस का डाटा 5 दिसम्बर तक देना जरूरी होगा। सरकारी और निजी स्कूलों के इंचार्ज यू डाइस समय पर उपलब्ध नहीं करवाने वालों के खिलाफ शिक्षा विभाग कार्रवाई करेगा। इससे पहले स्कूलों से यू डाइस प्रपत्र नहीं भरने के लिए स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
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यह है यू डाइस रिपोर्ट में
यू डाइस प्रपत्र में संबंधित स्कूल मुखिया को अपने स्कूल के प्रत्येक कक्षा में छात्रों की संख्या, स्कूल के कमरे, विद्यार्थियों को दी जा रही सुविधाएं, शिक्षकों की स्थिति, उनकी योग्यता, वाहन व्यवस्था सहित संपूर्ण विवरण उल्लेखित करना होता है। यह जानकारी सर्व शिक्षा अभियान के माध्यम से उच्च मुख्यालय भेजी जाती है, जहां से प्रदेश भर के स्कूलों का डाटा आनलाइन डाला जाता है, जहां कोई भी इसके बारे में जानकारी हासिल कर सकता है। इसके आधार पर विकास कार्य करवाने के लिए योजना बनाई जाती है।
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28 नवम्बर तक भरना होगा स्कूल मुखियाओं को यू डाइस डाटा
सभी स्कूलों को यू डाइस डाटा भरना जरूरी है। यू डाइस प्रपत्र भरने के लिए सभी स्कूल इंचार्जोंं को अवगत करवाया जा रहा है। यू डाइस डाटा कैसे भरना है। इसके लिए स्कूल इंचार्जों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अगर कोई स्कूल इंचार्ज 28 नवम्बर तक यू डाइस डाटा नहीं भरेगा। इसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 
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यू डाइट की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित
अलेवा से सतीश के अनुसार सर्व शिक्षा एवं राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अंतर्गत खंड शिक्षा कार्यालय नगूरां में शुक्रवार को यू डाइस की जानकारी देने के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इसमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य कृष्ण रोहिला और मास्टर ट्रेनर एवं ए.बी.आर.सी. राममेहर सिंह ने मौजूद स्कूल मुखियाओं एवं प्रतिनिधियों को बताया कि स्कूल में अध्ययन कर रहे बच्चों एवं उनके अभिभावकों के सुझाव, स्कूल में कमरों, पानी एवं बिजली की व्यवस्था तथा एस.एम.सी. कमेटी से संबंधित हर प्रकार का विवरण तैयार कर विभाग के पास भेजना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा भेजे गए वार्षिक विवरण के मुताबिक विभाग स्कूलों को सुविधाएं उपलब्ध करवाएगा। इस अवसर पर आरोही, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय समेत राजकीय स्कूलों के अलावा प्राइवेट स्कूल के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें सरस्वती पब्लिक स्कूल नगूरां के प्राचार्य प्रदीप खटकड़, छोटू राम स्कूल पेगां के प्राचार्य राजबीर बिढ़ान, राजेंद्र शर्मा, रामजवारी शास्त्री, पवन कुमार, सुशीला नैन, निर्मला, हेमलता, अनिता, नवीन, अनिल और संजय बतरा मौजूद रहे। 

इंटर-स्टेट रूटों पर बस सेवा बंद करने का विरोध

रोडवेज कर्मचारियों ने धरना देकर की नारेबाजी
नारेबाजी के बाद किया चक्का जाम, लोगों को हुई परेशानी
जींद : हरियाणा रोडवेज संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर शुक्रवार को रोडवेज कर्मचारियों ने पहले धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उसके बाद कुछ घंटे के लिए जींद डिपो की बसों का चक्का जाम कर दिया। यह प्रदर्शन और चक्का जाम प्रदेश सरकार के उस फैसले के विरोध में किया गया, जिसमें सरकार ने इंटर-स्टेट रूटों पर रोडवेज की बस सेवा बंद की है। इसके अलावा रोडवेज के 8200 कर्मचारियों के साथ सरकार द्वारा की गई ज्यादती के विरोध में और रोडवेज के बेड़े में नई बसों को शामिल किए जाने की मांग भी प्रदर्शनकारी रोडवेज कर्मचारियों ने की। लगभग 4 घंटे तक रोडवेज के चक्का जाम से हजारों यात्रियों को भारी परेशानी हुई। 
शुक्रवार सुबह रोडवेज कर्मचारियों की विभिन्न यूनियनों से जुड़े कार्यकर्ता जींद डिपो की वर्कशाप के गेट पर जमा हुए। यहां रोडवेज कर्मचारियों ने धरना दिया और सरकार के खिलाफ काफी देर तक नारेबाजी की। नारेबाजी कर रहे कर्मचारियों ने कहा किकुछ महीने पहले प्रदेश सरकार की नई परिवहन नीति के विरोध में रोडवेज कर्मियों द्वारा चक्का जाम किया गया था, तब सरकार ने बातचीत कर यूनियन नेताओं को आश्वासन दिया था कि एक नवम्बर से उनकी मांगों को लागू कर दिया जाएगा। इसके बावजूद 8200 रोडवेज कर्मियों को दोराहे पर खड़ा कर दिया गया। 6 राज्यों में जाने पर हरियाणा रोडवेज की बसों पर रोक लगा दी गई। इससे साफ है कि सरकार की नीयत में बहुत बड़ा खोट है। वह रोडवेज का निजीकरण करना चाहती है। इसमें पहले सरकार ने लोकल रूटों पर निजी आप्रेटरों को बस परमिट दिए। अब सरकार इंटर-स्टेट रूटों पर रोडवेज की बस सेवा बंद कर इन रूटों पर भी निजी आप्रेटरों को बस परमिट देना चाहती है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या के हिसाब से रोडवेज के बेड़े में 10 हजार नई बसें शामिल की जानी चाहिएं थी लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया। वह धीरे-धीरे रोडवेज के अस्तित्व को ही समाप्त करने की चाल पर चल रही है। रोडवेज का निजीकरण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जींद डिपो के प्रधान अजीत नेहरा, महिपाल बिघाना, दलबीर ढिल्लों, जयचंद सैनी ने कहा कि सरकार रोडवेज के निजीकरण के रास्ते पर आगे बढ़ रही है। रोडवेज संयुक्त संघर्ष समिति की प्रदेश कार्यकारिणी के साथ अतीत में मुख्यमंत्री मनोहरलाल से बातचीत हुई थी। इसमें 12 मांगों पर सहमति बनी थी। एक नवम्बर को मुख्यमंत्री को इन मांगों को लागू करने की घोषणा करनी थी। इसके बावजूद घोषणा नहीं की गई। इसके विरोध में शुक्रवार को 11 से 3 बजे तक धरना देने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि एक दिसम्बर से 6 राज्यों को जाने वाली रोडवेज बसों की सेवाओं को बंद किया जा रहा है। इसी प्रकार 8200 चालक तथा परिचालकों को कच्चा कर दिया गया। उन्होंने साफ कहा कि इससे कर्मचारियों में रोष है और राज्य कार्यकारिणी के फैसले के बाद आगामी ठोस निर्णय लिया जाएगा। धरने में नरेंद्र, राजेश, रामनिवास, सेवा, आजाद पांचाल, बिजेंद्र ढांडा, सुदर्शन लाठर, सुरेंद्र, शेर सिंह, सत्यनारायण शर्मा आदि शामिल हुए। 
चक्का जाम से यात्री हुए परेशान
शुक्रवार को लगभग 4 घंटे तक जींद डिपो की बसों का चक्का जाम होने से हजारों यात्रियों को परेशानी हुई। बसों के अभाव में यात्री इधर-उधर भटकते और परेशान नजर आए। सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं और बच्चों को हुई। चक्का जाम करने का पहले कोई फैसला नहीं लिया गया था। रोडवेज कर्मचारियों में सरकार के रवैये को लेकर इतना रोष था कि वर्कशाप के गेट पर धरना देने के बाद वह प्रदर्शन करते हुए बस अड्डे पर आए तो एकाएक उन्होंने रोडवेज का चक्का भी जाम कर दिया। 
क्या कहना है एसपीओ का
रोडवेज विभाग के एसपीओ तथा कार्यवाहक जीएम रामपाल ने बताया कि लगभग अढ़ाई घंटे तक डिपो की बसों का चक्का जाम रहा। इससे रोडवेज को नुक्सान हुआ और यात्रियों को परेशानी हुई। रोडवेज के चक्का जाम को लेकर परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई है। इसमें जो भी कार्रवाई होगी, वह मुख्यालय के स्तर पर तय होगी। 

Thursday, 23 November 2017

झींगा पालन किसानों के लिए खेती के अलावा बेहतर आमदनी का जरिया साबित हो रहा है

नरवाना : झींगा पालन किसानों के लिए खेती क े अलावा बेहतर आमदनी का जरिया साबित हो रहा है। लिहाजा किसान व आर्थिक रूप से कमजोर बेरोजगार युवा इस व्यवसाय को अपनाकर अपने जीवन स्तर पर सुधार ला सक ते हैं। ये विचार उपायुक्त अमित खत्री ने अमरगढ़ गांव के झींगा पालन फार्म का दौरा करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि झींगा पालन एक ऐसा व्यवसाय है जिसको अपनाने पर आम आदमी  या किसान अच्छी आय अर्जित कर सकता है। बशर्तें इस धंधे को निष्ठा और मेहनत के साथ किया जाए। इसके अलावा ऐसे किसान जिनकी भूमि कृषि योग्य नहीं है, बंजर है,अनुपजाऊ है, लवणीय है और भूमिगत जल भी खारा है, वो अपनी ऐसी भूमि झींगा पालन फार्म बनाकर अच्छा उत्पादन और बेहतर आमदनी ले सकते हैं। इस व्यवसाय के लिए किसान को मत्स्य विभाग द्वारा आर्थिक अनुदान भी दिया जाता है। लवणीय भूमि में सफे द झींगा पालन फार्म स्थापित करने के लिए एक हैक्टेयर मसलन अढाई एकड़ लवणीय भूमि स्कीम के तहत 25 लाख रुपए खर्च करने पर 50 प्रतिशत यानि 12 लाख 50 हजार विभाग द्वारा किसान को अनुदान दिया जाता है और इस कार्य में किसान 5 से 6 महीने में करीब 8-10 लाख रुपए की आमदनी प्राप्त कर सकता है। डी.सी. ने कहा कि विभाग द्वारा इसके अतिरिक्त भी अनेक योजनाएं शुरू की गई है जिनका मत्स्य पालन इच्छुक किसान फायदा उठा सकते हैं। कार्य करने के लिए विभाग द्वारा इच्छुक व्यक्तियों को 10 दिनों तक निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है। उपायुक्त ने अमरगढ़ के झींगा पालक किसान रामनिवास की सराहना की और दूसरे किसानों को भी इस कार्य में आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने जनप्रतिनिधियो से भी अनुरोध किया कि वे भी गांव के तालाब तथा पंचायती जमीन पर नए तालाब बनवाकर मत्स्य पालन के जरिए पंचायत की आमदनी बढ़ा सकते हैं। इससे जहां बेरोजगार लोगों को रोजगार मिलेगा वहीं ग्राम पंचायत की मजबूत हुई आर्थिक स्थिति से ग्रामीण विकास को गति मिलेगी। इस अवसर पर एस.डी.एम. डा. किरण सिंह, जिला मत्स्य अधिकारी युधवीर सांगवान, मत्स्य अधिकारी राजेश वर्मा, जिला पार्षद दिनेश डाहोला, सरपंच रामफल व अनेक किसान मौजूद थे। 


अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव पर समारोह स्थल पर लगेंगे झूले

खाद्य पदार्थों की लगेंगी स्टाल 

जींद : डीसी कालोनी स्थित दीवान बाल कृष्ण रंगशाला के पास 28 से 30 नवम्बर तक मनाए जाने वाले गीता महोत्सव को देखने के लिए आने वाले लोगों की सुविधाओं का ध्यान रखा गया है। महोत्सव स्थल पर खाने की चीजों की 20 स्टाल लगवाई जाएंगी। कोई भी व्यक्ति स्टाल लगाने के लिए निर्धारित फीस जमा करवा सकता है। स्टाल स्थापित करने के लिए प्रशासन द्वारा जगह उपलब्ध करवाई जाएगी। अन्य व्यवस्थाएं इच्छुक व्यक्ति को स्वयं करनी होगी। महोत्सव में पहुंचने वाले बच्चों के मंनोरजन के लिए पटवार भवन और रंगशाला के बीच खाली पड़ी जमीन पर झूले लगाए जाएंगे।
एडीसी धीरेंद्र खडगटा ने वीरवार को गीता महोत्सव स्थल का दौरा किया। उन्होंने खाद्य पदार्थों के स्टाल और झूले स्थापित करने की जगह का मुआयना किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह यहां सफाई और अन्य प्रकार की व्यवस्थाओं को समय रहते पूरा कर लें। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष के अनुभव के आधार पर गीता महोत्सव में काफी लोग पहुंचते हैं। जिला प्रशासन ने लोगों की सुविधा और मनोरंजन को ध्यान में रखते हुए झूले और स्टाल लगाने का फैसला लिया है। इनके लिए जगह पहले आओ पहले पायो के आधार पर उपलब्ध करवा दी जाएगी। सुरक्षा की दृष्टि से एडीसी ने कहा कि यहां फायर ब्रिगेड की गाडिय़ां रखी जाएगी। इसी प्रकार एडीसी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को एम्बुलैंस जिसमें एक डॉक्टर और अन्य कर्मियों के साथ पर्याप्त दवाई इत्यादि के साथ उपलब्ध रहने के  लिए कहा। गीता महोत्सव स्थल पर शौचालयों की समुचित व्यवस्था करने के लिए नगर परिषद के अधिकारियों को कहा गया। पटवार भवन के साथ खाली पड़ी जमीन को समतल कर यहां पर लंगर बरताने की व्यवस्था करने के लिए कहा गया। एडीसी ने कहा कि इस महोत्सव में काफी संख्या में लोग पहुंचते हैं, इसलिए वाहनों की पार्किंग सही होनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने उप पुलिस अधीक्षक को व्यवस्था करने के लिए कहा। एडीसी ने कार्यक्रम स्थल पर बनाये जा रहे घटोत्कच, शेषनाग स्थापित करने की प्रक्रिया को भी देखा। आयोजन स्थल पर पश्चिम की तरफ बने गोलाई के मंच पर वृद्वावन से आने वाले कलाकारों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण पर कार्यक्रम दिखाए जाएंगे। यहां एक ग्रामीण संस्कृति को दर्शाने वाला गांव बसाया जाएगा। इसमें ग्राम्य परिवेश के सभी आयामों को दर्शाया जाएगा। इसमें अखाड़े में अभ्यास करते पहलवानों को भी दर्शाया जाएगा। समारोह में एक परिवेश द्वार और निकासी का द्वार बनाया जाएगा। यहां अतिथियों के बैठने के लिए अतिथि गृह बनाया जाएगा, जिसे झोपड़ीनुमा घास फुस से तैयार किया जाएगा। एडीसी के साथ एसडीएम महाबीर प्रसाद, नगराधीश सत्यवान सिंह मान, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मंदीप कुमार समेत अन्य विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी साथ थे। 
गीता महोत्सव में लगाई जाएगी प्रदर्शनी 
विभिन्न विभागों द्वारा विकास को दर्शाती लगाई जाएंगी 24 प्रदर्शनी स्टाल 
जींद : डीसी अमित खत्री ने गीता महोत्सव को आकर्षक बनाने और इसमें जन सह भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए डीआरडीए सभागार में एक बैठक बुलाई। इसमें विभिन्न विभागों के साथ-साथ शहर की स्वयं सेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। 
डीसी ने कहा कि जींद जिला धर्म क्षेत्र कुरूक्षेत्र की 48 कोस की परिधि में आता है, इसलिए यहां पर कई ऐतिहासिक तीर्थ स्थल महाभारत से जुड़े हैं। इनके बारे में युवा पीढ़ी को गीता महोत्सव के माध्यम से जानकारी दी जा सकती है। इसलिए इस महोत्सव की उपयोगिता और भी बढ़ जाती है। प्रदर्शनी आयोजन को लेकर डीसी ने जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मंदीप कुमार की डयूटी लगाई। डीसी ने स्वयं सेवी संगठनों का आहवान किया कि वह इस गीता महोत्सव में भागीदारी से समाज का मार्गदर्शन करंे। उन्होंने कहा कि स्वयं सेवी संगठन शहर में गीता स्वागत द्वार बना सकते हैं। समारोह स्थल पर पीने के पानी की व्यवस्था में जिला प्रशासन का सहयोग कर सकते है। शहर को साफ-सुथरा बनाने में भी सहयोग कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि हर रोज तीनों दिन महोत्सव स्थल पर लोक कलाकार जैसे बांसूरी, बीन, नगाड़ा, डेरू, जंगम जोगी की प्रस्तुति देकर लोगों का मनोरजन करेंगे।  गीता महोत्सव 28 से 30 नवम्बर तक चलेगा। 28 नवम्बर को प्रदर्शनी का उद्घाटन होगा। प्रदर्शनी में जहां राज्य सरकार विकासात्मक गतिविधियां नजर आएगी। वहीं गीता पर आधारित साहित्य को भी संजोया जाएगा। प्रदर्शनी में स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए सामान को भी प्रदर्शित किया जाएगा। डीसी ने बताया कि 29 नवम्बर को जिला स्तरीय सैमीनार का आयोजन किया जाएगा। इसमें गीता का मेरे जीवन पर प्रभाव विषय पर विचारकों व्याख्यान दिए जाएंगे। 30 नवम्बर को नगर शोभा यात्रा निकाली जाएगी। इसमें शहर की  सभी स्वयं सेवी संगठनों को आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने इस बैठक में उपस्थित स्वयं सेवी संगठनों से आहवान किया कि वह इस अंतरराष्ट्रीय महोत्सव को आकर्षक बनाने में जिला प्रशासन का सहयोग करें। नगर शोभा यात्रा सायं को 2 बजे जयंती देवी मंदिर से शुरू होगी और जयंती समारोह स्थल पर पहुंचेगीं। 30 नवम्बर को सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम होगा। इसमें मुख्य अतिथि द्वारा पुरस्कार वितरण किया जाएगा। बैठक में जींद के एसडीएम महाबीर प्रसाद, नगराधीश सत्यवान सिंह मान, नगर परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मंदीप कुमार समेत अन्य विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।  

खुद को पर्यावरण के लिए महिला वकील ने कर दिया समर्पित

अब तक लगवा चुकी 177 त्रिवेणी जींद। महिला एडवोकेट संतोष यादव ने खुद को पर्यावरण की हिफाजत के लिए समर्पित कर दिया है। वह जींद समेत अब तक...