Tuesday, 19 June 2012

नांदेड़ एक्सप्रेस से गिरकर एक यात्री की मौत, दूसरा घायल


रेलवे जंक्शन के पास मंगलवार अल सुबह दिल्ली से पंजाब जा रही नादेड़ एक्सप्रेस ट्रेन से संदिग्ध परिस्थितियों में गिरने से एक यात्री की मौत हो गई जबकि दूसरा यात्री घायल हो गया। रेलवे पुलिस ने मृतक यात्री के शव तथा घायल यात्री को अस्पताल पहुचाया। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने जान-बुझकर चलती ट्रेन से धक्का दिया है। रेलवे पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हांसी के प्रेम नगर निवासी मुकेश, सैनीपुरा निवासी रामनिवास, राजू, सोनू तथा एक अन्य के साथ कार्य के सिलसिले में सोमवार को दिल्ली गए हुए थे। रात को नादेड़ एक्सप्रेस से पंजाब की तरफ जा रहे थे। जींद रेलवे जंक्शन के पास मुकेश तथा रामनिवास चलती रेलगाड़ी से अचानक नीचे गिर गए। मुकेश की मौके पर ही मौत हो गई जबकि रामनिवास गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की जेब से मिले कागजातों के आधार पर मुकेश की पहचान संभव हो पाई।
इस आधार पर रेलवे पुलिस ने घटना की सूचना उसके परिजनों को दी। मृतक के भाई टीनू ने बताया कि मुकेश गाड़ियों के फाइनेंस का काम करता था। गाड़ी के कागजातों के सिलसिले में वह कुछ लोगों के साथ दिल्ली गया था। उसने आरोप लगाया कि उसके भाई को षड्यंत्र के तहत धक्का देकर नीचे गिराया गया है। मुकेश के साथ गए राजू, सोनू तथा एक अन्य व्यक्ति ने घटना के बारे में न तो परिजनों को बताया और न ही पुलिस को घटना के बारे में सूचना दी। घटना के बाद से मुकेश के साथ गए तीनों युवकों का कोई सुराग नहीं है।

किसानों ने सुरंगी नामक एक नए कीट की खोज की


निडाना के कीट साक्षरता केंद्र के किसानों द्वारा मंगलवार को किसान जोगेंद्र मलिक के खेत में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। किसान गोष्ठी में कीट साक्षरता केंद्र के मास्टर ट्रेनरों द्वारा किसानों को कपास की फसल में मौजूद कीटों की पहचान करवाई तथा बिना कीटनाशकों का प्रयोग किए कीट प्रबंधन के माध्यम से ही अच्छा उत्पादन लेने के टिप्स दिए।
किसानों ने कपास की फसल में मौजूद चूरड़ा, सफेद मक्खी, हरा तेला, टीडे (ग्रास होपर), सूरा पांच प्रकार के कीटों की पहचान की। इस अवसर पर किसानों ने सुरंगी नाम एक नए कीट की खोज की। कीट साक्षरता केंद्र के मास्टर ट्रेनर रणबीर मलिक व मनबीर रेढू ने बताया कि फिलहाल कपास की फसल में चूरड़ा, सफेद मक्खी, हरातेला, टिडे और सूरा नामक पांच प्रकार शाकाहारी कीट मौजूद है। इसमें सफेद मक्खी, टिडे, सूरा व हरातेला तो नाममात्र की संख्या में है, लेकिन चूरड़ा की तादाद थोड़ी ज्यादा है, लेकिन अभी तक चूरड़ा भी फसल को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचाने की स्थिति में नहीं है।
किसान गोष्ठी के दौरान किसानों ने सुरंगी नामक एक नए कीट की खोज की है। यह कीट पलो के अंदर रहकर अपना जीवन चक्र चलाता है। जब यह खा-पीकर अपना जीवन चक्र पूरा कर लेता है तब पलो में एक छोटा सा छेद करके पलो से बाहर आता है। इसके बाद इसका क्यूपा बनता है, इसके बाद में पतंगा तैयार होता है। किसान गोष्ठी के दौरान किसानों के गु्रप बनाकर उन्हे कपास की फसल में कीटों की पहचान करवाकर व्यवहारिक ज्ञान भी दिया गया। कृषि विभाग के एडीओ डॉ. सुरेद्र दलाल ने बताया कि कीट शाकाहारी व मांसाहारी दो प्रकार के होते है, लेकिन कीट का शरीर सिर, धड़ व पेट तीन भागों में बटा होता है। मुंह के हिसाब से कीट दो प्रकार के होते है। एक जिनके डंक होता है व दूसरे वे जिनके जबड़ा होता है। डंक वाले कीट फसल से रस चूस कर तथा जबड़े वाले कीट फसल के पत्तों को कुतर-कुतर कर खाते है। 
डॉ. दलाल ने बताया कि आमतौर पर कीट की तीन जोड़ी पैर, दो जोड़ी पंख होते है। इस अवसर पर खरकरामजी निवासी रोशन ने बताया कि वह फसल में की जाने वाली सभी गतिविधियों को अपनी डायरी में नोट करता है। इस मौके पर किसान गोष्ठी में ललितखेड़ा, निडाना, चाबरी, निडानी, खरकरामजी, राजपुरा भैण, अलेवा किसान मौजूद थे।

मुख्यमंत्री के निवास का घेराव करेगा ब्राह्मण समाज


ब्राह्मण आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष हरिराम दीक्षित ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आरक्षण पर एक विशेष बिरादरी की पैरवी कर 35 बिरादरियों के साथ जो खिलवाड़ किया है, उसका करारा जवाब दिया जाएगा। इसके लिए समिति के प्रदेश भर में जुड़े सदस्य जल्द ही रोहतक पहुचकर मुख्यमंत्री के निवास का घेराव करेंगे और बाद में दिल्ली कूच कर काग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गाधी से मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के इस्तीफे की माग करेंगे।
इस शर्मनाक घटना को अंजाम देने में सहयोग करने वाले जींद के पूर्व और वर्तमान सासदों के अलावा चुप्पी साधे रहने पर प्रदेश की काग्रेस सरकार में ब्राह्मण प्रतिनिधियों को विरोध स्वरूप काले झडे दिखाएं जाएंगे। हरिराम दीक्षित आज यहा समिति के पाचवें स्थापना दिवस पर पत्रकार वार्ता कर रहे थे। आश्चर्य की बात है कि पिछड़ा वर्ग आयोग से तो ब्राह्मण, पंजाबी, राजपूत, बनिया के अलावा अन्य जातियों ने भी आरक्षण की माग की थी। मगर इस प्रदेश के राजा ने एक बिरादरी की पैरवी कर खुद को पक्षपाती बता दिया। काग्रेस के मुख्यमंत्री और सासद किसी एक जाति विशेष नहीं बल्कि समस्त जातियों के प्रतिनिधि है, जिनको देश-प्रदेश की एकता और अखंडता बनाए रखने के लिए नेतृत्व प्रदान किया है।
दीक्षित ने कहा कि आज हरियाणा प्रदेश का ब्राह्मण समाज राजनीतिक और आर्थिक तौर पर जानबूझकर उपेक्षा का शिकार किया जा रहा है, जिसके दोषी मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा है।
काग्रेस के कुछेक नेता प्रदेश में जाति-पाति का जहर घोल कर भाईचारा बिगाड़ने के प्रयास में है। देश की आजादी के बाद आज तक ब्राह्मण समाज के साथ इतना निर्दय और सौतेला व्यवहार किसी भी मुख्यमंत्री ने नहीं किया, जो आज प्रदेश में हो रहा है। ब्राह्मण आरक्षण समिति आरक्षण की माग पर कई बार मुख्यमंत्री से मिल चुकी है। समिति ने ब्राह्मण आरक्षण की माग पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को 30 अगस्त 2011 को फाइल भी सौंपी थी। किंतु उस फाइल को अभी तक केंद्र के पास नहीं भेजा गया है और वह अभी तक सचिवालय में धूल फाक रही है। प्रदेश भर से समाज के लोग पैदल मार्च कर दिल्ली में जंतर-मंतर पर धरना दे चुके हैं। उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सांसद अरविंद शर्मा को आरक्षण मसले से संबधित ज्ञापन भी सौंपा था। ब्राह्मणों की फाइल को बीच में अटकाना और दूसरों की आगे सरकाना कतई इस समाज के साथ नाइसाफी है, जो असहनीय है। दीक्षित ने कहा कि हुड्डा सरकार ब्राह्मणों के गाधीवादी तरीके को समाज की कमजोरी समझ रही है।
ब्राह्मण समाज किसी का हक छीनने का कतई पक्षधर नहीं है। सरकार को दलित तथा पिछड़े वर्ग का आरक्षण सुरक्षित रखते हुए अन्य जातियों को आर्थिक आधार पर आरक्षण देना चाहिए। इस मौके पर समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष सुभाष शर्मा, जिला संगठन सचिव आरके शर्मा, राजचंद्र अत्री, जिला संयोजक बलवान दीक्षित आदि मौजूद थे।

नर्स से छेड़छाड़ करने के आरोप में रेलवे अस्पताल का डॉक्टर नामजद

रेलवे अस्पताल में कार्यरत नर्स के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में राजकीय रेलवे पुलिस ने अस्पताल के डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज गिरफ्तार किया है। उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जमानत मिल गई। रेलवे पुलिस मामले की जांच कर रही है। रेलवे कालोनी निवासी और अस्पताल में तैनात एक नर्स ने रेलवे पुलिस में शिकायत दी है कि अस्पताल का ही डॉक्टर दिल्ली हाल रेलवे कालोनी निवासी डॉ. संदीप उस पर गलत नजर रखता था और उसने 31 मई को डॉक्टर ने अस्पताल में उसके साथ छेड़खानी की। जब उसने इसका विरोध किया तो डॉक्टर वहां से भाग गया। इस मामले में राजकीय रेलवे पुलिस ने डॉक्टर संदीप के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस मामले में आरोपी डॉक्टर संदीप को पुलिस ने गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे जमानत पर छोड़ दिया गया।

मांगों व समस्याओं पर चौकीदारों का प्रदर्शन


ग्रामीण चौकीदारों ने मागों और समस्याओं को लेकर मंगलवार को शहर में प्रदर्शन किया। इसके बाद चौकीदारों ने लघु सचिवालय पहुचकर मागों से संबंधित ज्ञापन उपायुक्त डॉ. युद्धवीर सिंह ख्यालिया को सौंपा। नेहरू पार्क में ग्रामीण चौकीदारों को संबोधित करते हुए राज्य प्रधान कलीराम ने कहा कि चौकीदारों को मेहनताना अन्य विभागों की बजाये बहुत कम मिल रहा है जबकि उन्हे गाव के कई सरकारी कार्य निपटाने पड़ते है, जिसमें समय के साथ-साथ उनका खर्च भी होता है।
उन्होंने माग की कि उनके भत्ते में 500 रुपये की बढ़ोतरी की जाए। बकाया एरियर का तुरत भुगतान किया जाए, ग्रामीण चौकीदारों को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी घोषित किया जाए, तब तक न्यूनतम वेतन दिया जाए। महंगाई को देखते हुए वार्षिक बढ़ोतरी की जाए। पहचान पत्र के आधार पर वेतन दिया जाए। डयूटी का समय निर्धारित किया जाए। 300 घरों पर एक चौकीदार नियुक्त किया जाए। खाली पड़े पदों को शीघ्र भरा जाए। उन्हें 100-100 गज के प्लॉट उपलब्ध कराए जाए। चौकीदारों को पीले और गुलाबी राशन कार्ड बनाये जाएं और इंदिरा आवास योजना के तहत पक्के मकान दिलाये जाएं। चौकीदार की मौत पर उसके आश्रितों को डेढ़ लाख रुपये दिए जाए। इस मौके पर जिला प्रधान चंद्र सिंह, सीआईटीयू के सतबीर, कपूर सिंह, रामदिया ने भी अपने विचार रखे। बाद में चौकीदार प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुचे और मागों से संबंधित ज्ञापन उपायुक्त डॉ. युद्धवीर सिंह ख्यालिया को सौंपा।

चलती ट्रेन से फेंकने के आरोप में सौतेला नाना नामजद


नौ दिन पूर्व चलती ट्रेन से अपनी दोहती को फेंकने के आरोप में सौतेले नाना के खिलाफ राजकीय रेलवे पुलिस ने धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
11 जून को धमतान-धरौदी रेलवे लाइनों के बीच घायल हालत में एक बच्ची मिली थी। गैंगमैन प्रकाश और महावीर जब वह अपनी ड्यूटी के लिए निकले थे तो उन्हें रेलवे लाइन के पास सात वर्षीय बच्ची घायल मिली थी। उसे नरवाना के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए रोहतक पीजीआइ रेफर कर दिया गया था। बाद में बच्ची की पहचान राजवीर कौर के रूप में हुई थी। रेलवे पुलिस को दिए बयान में राजवीर कौर ने बताया कि उसे उसकी सौतेले नाना मक्खन सिंह ने चलती ट्रेन से फेंक दिया था। इस मामले में रेलवे पुलिस ने मक्खन सिंह के खिलाफ राजवीर कौर के पिता बलवीर की शिकायत पर जान से मारने के प्रयास का मामला दर्ज किया है। फिलहाल बच्ची को पीजीआइ से छुट्टी मिल गई है और वह अपने पिता के साथ राजस्थान चली गई है।

अनुभव प्रमाणपत्रों का पूरा रिकॉर्ड रखेगा शिक्षा विभाग


हरियाणा स्कूल शिक्षक भर्ती बोर्ड द्वारा निकाली गई भर्तियों में निजी, एडिड स्कूलों और सरकारी स्कूलों में कार्यरत अतिथि अध्यापकों को दिए गए चार साल अनुभव की रियायत के बाद शिक्षा विभाग गंभीर हो गया है। शिक्षा विभाग ने सभी अध्यापकों को मिलने वाले अनुभव प्रमाण पत्रों का पूरा ब्योरा अलग से रजिस्टर लगाकर रखने के अलावा प्रमाणपत्र देने से पूर्व उसकी वेरीफिकेशन के लिए मुख्यालय को ई-मेल के जरिये प्रमाण पत्र भेजने के निर्देश दिए हैं ताकि मुख्यालय भी इसकी जांच कर सके।
सात जून को हरियाणा स्कूल शिक्षक भर्ती बोर्ड ने शिक्षा विभाग में अध्यापकों के विभिन्न पदों के लिए आवेदन मांगे है। इसमें निजी, एडिड स्कूलों के अलावा सरकारी स्कूलों में कार्यरत अतिथि अध्यापकों को (जिन्होंने एच.टेट,एस.टेट न किया हो) चार साल अनुभव की रियायत प्रदान की है।
यह छूट देने के बाद अध्यापक लगने वाले कुछ उम्मीदवारों ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र तैयार करने की तैयारी शुरू कर रखी है। हालांकि यह काम होना मुश्किल है, लेकिन उसके बावजूद कुछ आवेदक इसकी तैयारी में है। इसी फर्जीवाडे़ को रोकने के लिए शिक्षा विभाग ने कड़ा कदम उठाया है।
स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र क्रमांक-15/28-2012 सीओ (1) जारी किया है। निर्देशों में स्पष्ट किया है कि जो अनुभव प्रमाण पत्र किसी अध्यापक को जारी किया जाए, उसका पूरा रिकॉर्ड अलग से रजिस्टर में चढ़ाया जाए और अनुभव प्रमाणपत्र की फोटो कापी भी ली जाए। अनुभव प्रमाणपत्र में डीईओ कार्यालय की तरफ से डिस्पेच नंबर भी दिया जाए ताकि जरूरत पड़ने पर डिस्पेच नंबर के जरिये पड़ताल भी की जा सके। यही नहीं अनुभव प्रमाण पत्र बनने के बाद उसकी वेरीफिकेशन के लिए उसी दिन तुरंत निदेशालय को ई-मेल के जरिये भेजी जाए ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी से बचा जा सके।
कार्यकारी जिला शिक्षा अधिकारी वंदना गुप्ता का कहना है कि अध्यापकों को अनुभव प्रमाण पत्र देते समय उसके पूरे रिकार्ड की जाती होती है। विभाग के निर्देश मिल चुके हैं और उसी अनुसार कार्य किया जा रहा है। जहां तक डिस्पेच नंबर की बात है तो वह पहले से ही जींद जिले में दिए जा रहे हैं।

खुद को पर्यावरण के लिए महिला वकील ने कर दिया समर्पित

अब तक लगवा चुकी 177 त्रिवेणी जींद। महिला एडवोकेट संतोष यादव ने खुद को पर्यावरण की हिफाजत के लिए समर्पित कर दिया है। वह जींद समेत अब तक...