Monday, 16 July 2012

बीबीपुर पर डायुमेंटरी शुरू


जींद। गांव बीबीपुर पर डायुमेंटरी फिल्म शुरू हो गई है और फिल्म में महिलाओं ने किस तरह योजना बना कर कन्या भ्रूण हत्या को रोकने की शुरूआत की और आगामी समय में महिलाओं की इस कार्यक्रम को लेकर या तैयारियां होंगी और इस सब कुछ को अब कैमरव् में उतारा जा रहा है। 
डायुमेंटरी का निर्देशन कर रहे हैं एम हाशमी। टीम ने जहां कन्या भ्रूण हत्या रोकने की शुरूआत के बारव् में पूछताछ की है वहीं बीबीपुर के युवा सरपंच सुनील जागलान से भी गांव में विकास व सामाजिक कार्य एक साथ करने के बारव् में सवाल जवाब शुरू किए हैं। सोमवार को डायुमेंटरी का निर्माण करने वाली टीम ने पूरव् गांव में अनेकों दृश्यों को अपने कैमरव् में कैद किया और बाद दोपहर गांव की महिलाओं व युवतियों से वह कार्य करके दिखवाया। जो वह पिछले कई महीने से कर रही थी। कैमरव् के सामने बेहिचक बोलते हुए युवतियों ने पिछली बार की अपेक्षा ज्यादा जोश में संदेश दिया कि किस तरीके से कन्या भ्रूण हत्या को रोका जा सकता है। गांव की ज्योति, मरजीना व सीमा ने बताया कि जब तक पूरा समाज जागरूक नहीं होगा तब तक कन्या भ्रूण हत्या रूकनी असंभव है। गौरतलब है कि डायुमेंटरी बनाने की शुरूआत तो वैसे महाखाप महापंचायत में शुरू हो गई थी और यहां खाप पंचायतों के फैसलों पर नजर थी कि कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ या कठोर फैसले लिए जाते हैं। डायुमेंटरी 
में सरपंच सुनील जागलान ने बताया कि ग्राम पंचायत विकास के अलावा सामाजिक सारोकार से जुड़े मुद्दों को चला सकती है और दोपहर बाद नीम वाली चौपाल में १८ जून की तर्ज पर महिला ग्राम सभा आयोजित की। जिसमें महिलाओं ने कार्यक्रम को बिल्कुल जीवंत कर दिया। बीरमति ने बताया की भ्रूण की जांच करवाने के लिए जो पांच दस हजार रूपये खर्च किए जाते हैं। उसकी बजाय उसी पैसे को पैदा होने वाले बच्चे के नाम खाते में डाल दिया जाए। ताकि यह पैसा बाद में उसके काम आ सके। तीन दिन में करीब चार घंटे के दृश्य कैमरों में कैद किए जा चुके हैं और करीब दो घंटे के दृश्यों को कैमरव् में ओर कैद किया जाएगा। इसके बाद डॉयूमेंटरी केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय को भेजी जाएगी। अधिकारी इसका संपादन करव्ंगे और यह तय करव्ंगे कि डॉयूमेंटरी का समय कितना तय किया जाएगा। बताया जा रहा है कि संपादन के बाद डॉयूमेंटरी की अवधि करीब डेढ़ घंटे की रहेगी। पंचायती राज मंत्रालय को बीबीपुर की डॉयूमेंटरी पसंद आयी तो बाद में इसका अनुवाद देश की सभी भाषओं में किया जाएगा। डॉयूमेंटरी के निदेशक एम हाशमी ने बताया कि करीब चार घंटे की डॉयूमेंटरी तैयार की जा चुकी है। करीब दो घंटे की डायूमेंटरी अभी और बनायी जानी है।

कन्या भू्रण हत्या पर दर्ज हो हत्या का मामला



उचाना। कन्या भू्रण हत्या जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त करने के लिए हर किसी को मुहिम चला कर सहयोग करना होगा। सरकार को भी इसको लेकर सチत कानून बनाने होंगे। कन्या भू्रण हत्या में दोष्ी पाएं जाने वालों पर हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए। बेटी को गर्भ में मारकर उसके जीवन को समाप्त करना उसकी जन्म से पहले हत्या करना है। जींद जिले के बीबीपुर गांव में हुई कन्या भू्रण हत्या पर रोक लगाने के लिए महापंचायत सराहनीय है। इसमें महिलाओं ने भी हिस्सा लेकर साबित किया है कि वो भी कन्या भू्रण हत्या के खिलाफ डट कर खापों के साथ हर मुहिम में साथ होंगी। यह बात गृहणियों ने परिचर्चा में कही। चार लड़कियों की मां कांता शर्मा भौंगरा ने कहा कि बेटी कोई अभिशाप नहीं है। लेकिन रूढीवादी सोच के चलते वंश को चलाने के लिए बेटा जरूरी माना जा रहा है। इस सोच को तभी बदला जा सकता है। जब शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। आज कन्या भू्रण हत्या को बढ़ावा देने में स्वयं महिलाओं की सबसे अधिक भूमिका होती है। जब महिलाएं इसका डट कर विरोध करव्ंगी तो यह सामाजिक बुराई जड़ से समाप्त हो जाएगी। लड़कों के मुकाबले कम हो रही लड़कियों की संチया बढ़ेंगी।

लॉक समिति सदस्य सिक्कम देवी ने कहा कि महिलाओं को चाहिए कि वो स्वयं कन्या भू्रण हत्या का डट कर विरोध करव्ं। महिलाओं को इस बात का पता होना चाहिए कि वो किसी घर की बहु बनने से पहले मां की बेटी थी। आज इस सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए हर महिला को बीबीपुर की महिला की तरह आगे आना होगा। बिना बेटी के समाज में रिश्तेनाते नहीं होते है। कन्या भू्रण हत्या जैसी बुराई को जड़ से समाप्त करने के लिए इसमें दोष्ी पाएं पर हत्या का केस दर्ज होने का कानून होना चाहिए।

मानसून की बेरूखी से किसानों की हालत बिगड़ी


बारिश न होने से फसलों की पैदावार रुकीसिंचाई के लिए महंगा डीजल फूंक रहे किसान
अब तक ७० हजार हैटेयर में लगी धान की फसल
२५ से ३० प्रतिशत यूरिया खाद की खपत होगी ज्यादा

कुलदीप सिंह
जींद। मानसून ने भले ही जिला में दस्तक दे दी हो। लेकिन इंद्र देवता जिला के किसानों पर अभी तक उतने खुश नहीं हुए हैं, जितनी की किसानों को दरकार है। धरती अब भी प्यासी है और किसान आसमान की तरफ टकटकी लगाए देख रहे हैं कि कब आसमान से उनकी फसलों के लिए सोना बरसेगा। लेकिन मानसून की देरी से किसानों पर अधिक खर्च को बोझ बढ़ गया है। जिला में कृष्ि विभाग द्वारा एक लाख १५ हजार हैटेयर में धान फसल का लक्ष्य रखा गया है। जबकि अब तक लगभग ७० हजार हैटेयर में धान लगाई जा चुकी है। धान फसल की बढ़त के लिए २५ से ३० प्रतिशत अधिक यूरिया खाद की अधिक खपत का डर बन गया। इन बुरे हालातों का लाभ उठाने के लिए कई नामी गिरामी रसायनिक कंपनियां भी किसान को लूटने कव् लिए बाजार में हावी हो गई हैं। जिससे धरती का स्वास्थ्य तो खराब होगा ही, साथ में मित्र कीटों की भी बलि चढ़ेगी। हालांकि कृष्ि विभाग प्रतिमाह कीटनाशक दवा विक्रेताओं की दुकानों पर दस्तक देकर स्टॉक की जांच करने का दावा कर रहा है। 
बारिश न होने कव् कारण प्रदेश में हालात ज्यादा खराब हो गए हैं। पानी की कमी कव् चलते फसल सामान्य हालतों की तरह बढ़त कर रही हैं। इस स्थिति में धान की अधिक पैदावार के लिए किसान यूरिया खाद का प्रयोग कर रहे हैं। लेकिन सूखे कव् कारण यूरिया भी पूरी तरह काम नहीं कर पा रहा है। फसल की बढ़त कव् लिए किसान ज्यादा खाद डाल रहे हैं। यही हालात कपास फसल के हैं। उचाना निवासी किसान प्रताप, राजेंद्र, भोला, संदीप ने बताया कि इन दिनों बारिश नहीं होने से किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है। फसल की सिंचाई कव् लिए मंहगा डीजल फूंक रहे हैं। वहीं फसल पर बीमारियों कव् प्रकोप कव् चलते मंहगी कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करना पड़ रहा है। आने वाले दिनों में अगर बरसात नहीं हुई तो इसका सीधा असर फसल की पैदावार पर होगा। हर साल जुलाई माह में बरसात होती थी लेकिन ऐसा पहली बार हो रहा है जब जुलाई में भी बरसात कव् लिए किसानों को आसमान की तरफ  टकटकी लगाकर देखना पड़ रहा है।
उप कृष्ि निदेशक डा. रामप्रताप सिहाग ने कहा कि जिन किसानों ने धान फसल लगाई हुई है वह जमीन को निरंतर गीला रखें। बारिश न होने से फसल में बीमारियों का प्रकोप बढ़ने का डर रहता है। किसानों को चाहिए कि वो किसी न किसी तरीकव् से फसल में सिंचाई अवश्य करें। कीटनाशकों का प्रयोग कम करव्ं और अपनी फसल में ऐसे उत्पाद न डालें जो बढ़त कव् नाम पर माकर्व्ट में बिकते हैं।

Saturday, 14 July 2012

बीबीपुर महापंचायत में नाचती गाती पहुंची महिलाएं


शोधार्थी भी पहुंचे महाखाप महापंचायत देखनेमहापंचायत की बनाई डायुमेंटरी फिल्म
कन्या भ्रूण हत्या पर महापंचायत की पहल को सबने सराहा
महापचांयत में लिए निर्णय भविष्य में होंगे कारगर साबित

कुलदीप सिंह

जींद। गांव बीबीपुर में शनिवार को एक अलग ही नजारा था। मौका था कन्या भ्रूण हत्या को लेकर भारत की पहली महाखाप महापंचायत का। ऐसा देश में पहली बार हुआ जब महिलाएं किसी पंचायत में हिस्सेदारी करने जा रही थी। महिलाएं नाचती गाती हुई पंचायत स्थल तक पहुंची और महापंचायत की कार्रवाई का हिस्सा बनी। आयोजन स्थल से कुछ ही दूरी पर महिलाओं ने गीत गाए और जमकर नृत्य किया। जैसे ही महापंचायत की कार्रवाई शुरू हुई तो वक्ताओं ने अपने विचार रखने शुरू किए। इस दौरान कन्या भ्रूण हत्या पर कटाक्ष करता हुआ गांव बीबीपुर की महिलाओं द्वारा नाटक भी प्रस्तुत किया गया। जिसने महिलाओं में कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए जोश भर दिया। महापंचायत के बारव् में जानकारी जुटाने और उस पर थीसिसि लिखने के लिए दिल्ली विश्र्वविनालय तथा पंजाब विश्र्वविनालय से शोधार्थी भी जुटे। जिन्होंने पंचायती कार्रवाई का आंकलन किया और नोटस बनाए। महापंचायत कार्रवाई के दौरान डायुमेंटरी फिल्म भी बनाई गई। दिल्ली से आई रिंकी ने बताया कि वो हरियाणा में मनरव्गा योजना के तहत महिलाओं की भागीदारी पर शोध कर रही हैं। उन्हें अखबारों तथा चैनलों के माध्यम से गांव बीबीपुर में हो रही पंचायत के बारव् में पता चला और उन्होंने पहली बार किसी खाप महापंचायत में भाग लिया है। ऐसे आयोजनों से निश्चित रूप से महिलाओं को आगे आने का अवसर मिलेग और कन्या भ्रूण हत्या तथा अन्य सामाजिक बुराई को दूर करने के लिए भविष्य में कामगर साबित होगा। दिल्ली से ही आई शोधार्थी नीलम जैन ने कहा कि वो खाप पंचायत पर शोध कर रही हैं। ऐसा पहली बार हो रहा है कि महिलाएं खाप पंचायत की कार्रवाई में भाग ले रही हैं। उन्होंने अब तक कई खाप पंचायतों में भाग लिया है। लेकिन किसी भी खाप पंचायत में महिलाओं की हिस्सेदारी नहीं देखी। गांव बीबीपुर में महापंचायत में महिलाओं की भागीदारी भविष्य के लिए नए आयाम स्थापित करव्गी और कन्या भ्रूण हत्या को जड़ से खत्म किया जा सकेगा। पंजाब विश्र्वविनालय से आई शोधार्थी देहरादून निवासी निर्मला ने कहा कि वो खाप पंचायत एवं उनके फैसलों पर शोध कर रही हैं। यहां आयोजित महापंचायत को देख कर लग रहा है कि खाप प्रतिनिधिम सौ प्रतिशत महिलाओं को त्वज्जो नहीं दे रहे हैं। इतना जरूर है कि कन्या भ्रूण हत्या को लेकर जो यह पहल हुई है उससे आने वाले समय में देशभर में कन्या भ्रूण हत्या को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। बॉस के लिए 


भ्रूणहत्या के खिलाफ एकजुट होकर उठे आवाज : राव मान सिंह


फुर्रखनगर से आए राव मान सिंह ने कहा कि खाप जोड़ने का काम करती है। खाप अच्छे काम करती है और समाज को जोड़ती है। भ्रूणहत्या के खिलाफ समाज का एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए। वह बीबीपुर गांव में आयोजित सर्व खाप महापंचायत को संबोधित कर रहे थे। सामाजिक मुद्दों को लेकर खापों हमेशा आगे रही है और सामाजिक बुराईयों को दूर करने का हमेशा प्रयास किया गया है।
कंडेला खाप के अध्यक्ष टेकराम कंडेला ने कहा कि भ्रूणहत्या महापाप है। इस सर्व खाप महापंचायत में जो निर्णय लिया जाएगा, वह उनकी खाप को मान्य होगा। गतौली खाप के प्रधान रामफल ढांडा ने कहा कि वह भ्रूणहत्या के खिलाफ है और गलत बातों का समर्थन नहीं करना चाहिए। खाप पंचायत भी गलत बातों का समर्थन नहीं करती। खाप प्रतिनिधि 36 बिरादरी के लोग होते हैं। बहतरा खाप के प्रधान केके मिश्रा ने कहा कि खाप पंचायत समाज सुधार के लिए काम करती है। भ्रूणहत्या समाज पर कलंक है और इस कलंक को दूर करने के लिए आज संकल्प लेने की जरूरत है।
दहिया खाप के प्रतिनिधि रणवीर दहिया ने कहा कि आज जो आयोजन भ्रूणहत्या के खिलाफ किया जा रहा है, वह सराहनीय है। इस पर ठोस निर्णय लिया जाना चाहिए। भ्रूणहत्या में अकेली महिला ही जिम्मेदार नहीं होती बल्कि पुरुष भी बराबर का भागीदार होता है।
आठवां वचन सीडी के निर्माता रामनिवास ने कहा कि प्रदेश में भ्रूणहत्या के खिलाफ 302 धारा लगाई जानी चाहिए। हर पार्टी अपने चुनाव में तरह-तरह की घोषणाएं करती है, लेकिन इसके खिलाफ कुछ नहीं छपवाती। सभी राजनीतिक पार्टियों को चाहिए कि वह इसके खिलाफ आगे आए। इसी के जरिये हरियाणा बदल सकता है। निर्मल बलहारा ने कहा कि भ्रूणहत्या के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
गांव के सरपंच सुनील जागलान ने महापंचायत में आए हुए खाप प्रतिनिधियों का स्वागत किया और कहा कि उनके बुलावे पर जो खाप प्रतिनिधि आए हैं, वह उनका धन्यवाद करते हैं। भ्रूणहत्या के खिलाफ सभी को आवाज बुलंद करनी होगी।
गांव के सरपंच के पिता ओमप्रकाश जागलान ने कहा कि जो यह अभियान छेड़ा गया है, वह सराहनीय है। यह मुद्दा समय की मांग है। आज प्रदेश में लिंगानुपात कम है। भ्रूण हत्या रोककर ही इसे दूर किया जा सकता है।

भ्रूणहत्या करने वालों के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई


 बीबीपुर गांव में आयोजित हुई सर्व खाप महापंचायत को लेकर दूसरे जिलों से आई युवतियों के साथ-साथ गांव की युवतियों और महिलाओं में खासा उत्साह दिखा। गांव की महिलाएं नाच-गाकर महापंचायत में पहुंची तो मानो जैसे तीज का त्यौहार मना रही हो। भ्रूणहत्या जैसी सामाजिक बुराई के प्रति युवतियों ने अपने खासे विचार व्यक्त किए।
12वीं कक्षा की छात्रा ज्योति ने कहा कि सरकार को चाहिए कि भ्रूण जांच करने वाले चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कदम उठाए ताकि ऐसे चिकित्सक जो कुछ रुपयों के लालच में भ्रूण जांचने का काम करते है वो सजा के डर से ऐसा काम न करें। भ्रूणहत्या तब जाकर खत्म होगी, जब कानून भ्रूणहत्या करने वालों को सख्त सजा देगा।
12वीं कक्षा की छात्रा सीमा ने कहा कि शहरों की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों से ज्यादा भ्रूणहत्या की घटनाएं सुनने को मिलती है। जब तक ग्रामीणों को भ्रूणहत्या के प्रति जागरूक नहीं किया जाएगा। तब तक ग्रामीण क्षेत्रों से इस प्रकार की घटनाएं होती रहेंगी। भ्रूणहत्या करने वालों के खिलाफ कानून में कड़ी सजा का प्रावधान होना चाहिए ताकि लोग इस अपराध को करने से पहले इसके परिणाम को सोच कर डरे।
बीबीपुर गांव के सरपंच सुनील जागलान की बहन रितु जागलान ने कहा कि जब तक मां स्वयं अपनी बेटी को बचाने के लिए आगे नहीं आएगी तब तक भ्रूणहत्या की भयंकर बीमारी को खत्म नहीं किया जा सकता है। जब तक ग्रामीण क्षेत्र में मां स्वयं जागरूक नहीं होगी तक भ्रूणहत्या जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त नहीं किया जा सकता। सबसे पहले हमें ग्रामीण क्षेत्र में लड़का लड़की एक समान के नारे को फलीभूत करना होगा।
12वीं कक्षा की छात्रा मरजीना ने कहा कि भ्रूण की जांच करने पर अभी तक सरकार ने केवल कागजों में सख्ती दिखाई है। जिस दिन यह सख्ती कागजों से बाहर आ जाएगी। भ्रूणहत्या के मामलों में कमी आ जाएगी। भू्रण की जानकारी ही नहीं मिलेगी तो यह गंभीर समस्या अपने-आप ही खत्म हो जाएगी। इस समस्या की जड़ भ्रूण की जांच होना ही है।
गांव की 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला बिमला ने कहा कि वह भी देखने आई है कि पंचायत की कार्रवाई कैसे होगी और किस प्रकार भ्रूणहत्या के खिलाफ कदम उठाए जाएंगे। भ्रूणहत्या के खिलाफ ठोस कदम उठाए जाने चाहिए ताकि औरतों की जाति बच सके।

व्यक्तिगत खाप पंचायतों पर लगेगी रोक : रामकर्ण

हरियाणा की खापों की बैठक बीबीपुर गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में संपन्न हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि व्यक्तिगत रूप से खाप पंचायत करने पर रोक लगाई जाएगी। इससे आपसी भाईचारे में दिक्कतें आती है। बैठक में बाद पत्रकारों को जानकारी देते हुए 307 खाप प्रधान रामकर्ण सोलंकी ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर जल्द ही हरियाणा में सभी खापों की एक महापंचायत बुलाई जाएगी, जिसमें एक संविधान तैयार किया जाएगा। इस संविधान पर सभी खापें कायम रहेंगी। इसके लिए कुछ लोगों का चयन भी किया जाएगा। फिलहाल यह खाप महापंचायत कब होगी? फिलहाल इस बारे में तिथि तय नहीं की गई। रामकर्ण ने कहा कि आज जो अलग-अलग व्यक्तिगत खाप पंचायतें हो रही है, वह गलत है। इससे समाज पर बुरा असर पड़ता है। इसलिए व्यक्तिगत खाप पंचायतों को रोकने के लिए जल्द ही महापंचायत होगी। उन्होंने खाप पंचायतों में महिलाओं की भूमिका को जरूरी बताया। खाप पंचायतें हमेशा से ही भ्रूणहत्या जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ रही हैं। 2004 व 2006 में खाप पंचायतों ने इसके खिलाफ खुलकर विचार दिए और निर्णय दिए, जिसका काफी असर पड़ा है। बैठक में भ्रूणहत्या पर रोक लगाने को लेकर भी चर्चा हुई। इस अवसर पर हरियाणा की खाप पंचायतों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

खुद को पर्यावरण के लिए महिला वकील ने कर दिया समर्पित

अब तक लगवा चुकी 177 त्रिवेणी जींद। महिला एडवोकेट संतोष यादव ने खुद को पर्यावरण की हिफाजत के लिए समर्पित कर दिया है। वह जींद समेत अब तक...