Wednesday, 20 June 2012

गंदे पानी से निकला सांप, भयभीत हुए लोग


सुभाष नगर स्थित चौड़ी गली के बाशिंदे पिछले डेढ़ माह से सीवर ओवरफ्लो होने से काफी परेशान हैं। समस्या के निदान के लिए लोग पार्षद तथा अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या का अब तक कोई निदान नहीं किया गया है। सीवर के गंदे पानी से कालोनी में बीमारिया फैलने का खतरा पैदा हो गया है। बुधवार को कालोनी के एक मकान में गंदे पानी से साप भी निकल आया।
कालोनी वासियों ने चेतावनी दी कि सीवर ओवरफ्लो समस्या का समाधान शीघ्र नहीं किया गया तो वे रोड जाम करने को बाधित होंगे। इसकी सारी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। सुभाष नगर स्थित चौड़ी गली में पिछले एक माह से सीवरेज ओवरफ्लो होने से गंदा पानी गली में जमा हो गया है। सीवर साफ करवाने के लिए कालोनी वासी जन स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद अधिकारियों को अवगत करवा चुके है, लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। चौड़ी गली निवासी सुभाष, रवि, संजय मित्तल, नितिन, सुमित, कश्मीरी लाल ने बताया कि पिछले एक माह में से उनके मकानों के आगे सीवर ओवरफ्लो होने से गंदा पानी गली में जमा है, जिसके चलते गली से आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
गली में गंदा पानी रहने से उत्पन्न होने वाली बदबू से लोगों का जीवन नारकीय हो गया है। मच्छरों की भरमार होने के कारण बीमारी फैलने की भी आशंका बनी हुई है। गली में हमेशा पानी खड़ा रहने के कारण उनके मकानों को भी खतरा हो गया है।
इससे सारा गंदा पानी गलियों में जमा हो गया है। इससे कालोनी के लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि सीवर ओवरफलो होने से सारा पानी गली में एकत्रित हो गया है। इससे पैदल चलने वालों के साथ-साथा वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। बुधवार को तो गंदे पानी से एक साप भी उनके घर में घुस आया, जिससे वे अब भय के साये में रह रहे है। सीवर व्यवस्था को दुरुस्त करने तथा गली से पानी की निकासी के लिए नगर पार्षद के अलावा प्रशासन के आला-अधिकारियों को भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन समस्या का समाधान प्रशासन द्वारा नहीं किया गया।
उन्होंने मांग की कि गली में गंदे पानी की तुरंत निकासी कराई जाए और समस्या का तुरंत समाधान कराया जाए। 24 घटे में पानी निकासी का प्रबंध नहीं किया गया तो वे जाम लगाने को मजबूर होंगे।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने औषधालय पर मारा छापा


 स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उपायुक्त के निर्देश पर विद्यापीठ मार्ग पर स्थित एक औषधालय पर छापा मारा। टीम द्वारा डिग्री, लाइसेंस व अन्य प्रमाण पत्र मांगे जाने पर डॉक्टर कुछ नहीं दिखा सका। इससे टीम ने संबंधित डॉक्टर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने और एफआइआर दर्ज करने की सिफारिश की है।
जिला उपायुक्त डॉ. युद्धवीर ख्यालिया को जींद निवासी शिवदर्शन ने शिकायत दी थी कि विद्यापीठ मार्ग पर स्थित ओम स्वास्थ्य केंद्र का संचालक संदीप बिना डिग्री के काम कर रहा है। यही नहीं वह पैसे भी ज्यादा लेता है और वह झोलाछाप डॉक्टर है। इस मामले में जिला उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग की एक टीम गठित की।
इसमें डिप्टी सिविल सर्जन जींद डॉ. सतीश सुलेख, जिला औषधि नियंत्रक डॉ. सुरेश चौधरी तथा आयुर्वेदिक दवा निरीक्षण अधिकारी डॉ. रामनिवास शामिल किए गए। बुधवार दोपहर को यह टीम विद्यापीठ मार्ग पर स्थित प्रो. ओम स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंची। टीम के सदस्यों ने यहां पर मौजूद डॉ. संदीप से डिग्री, लाइसेंस तथा अन्य कागजातों की मांग की, लेकिन संबंधित डॉक्टर कुछ नहीं दिखा सका। केंद्र की जांच करने पर यहां पर छह प्रकार की दवाइयां भी मिली। डॉ. संदीप की मौजूदगी में सभी दवाइयों को कब्जे में ले लिया गया। आयुर्वेदिक दवा निरीक्षण अधिकारी डॉ. रामनिवास ने संबंधित डॉक्टर संदीप के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने और एफआइआर दर्ज करने की सिफारिश की है। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सतीश सुलेख ने बताया कि उपायुक्त के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है।

मास्टरों का अनशन हुआ समाप्त


 हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन के तत्वावधान में जिलाध्यक्ष राजपाल श्योकंद की अध्यक्षता में चल रहा उपवास बुधवार को समाप्त हो गया। उपवास के समापन पर एसोसिएशन की तरफ से मुख्यमंत्री के चार सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम भेजे गए ज्ञापन में मांग की गई कि पहले से कार्यरत मास्टर्स पर पदोन्नति में अंकों की शर्त न थोपी जाए।
ज्ञापन में मांग की गई कि नए सेवा नियम अधिसूचित होने की तिथि से पहले मौजूद रिक्तियों पर सर्वोच्च न्यायालय की व्यवस्था के अनुसार नए सेवा नियम न थोपे जाए। ज्ञापन में कहा गया कि विभाग के प्रस्ताव व सरकार के फैसले के अनुसार सभी मिडिल स्कूल हेडमास्टर के पद हाई स्कूल हेडमास्टर के समकक्ष सृजित किए गए हैं। अंत: मिडिल स्कूल हेडमास्टर स्वत: द्वितीय श्रेणी में आता है। इन पदों को तृतीय श्रेणी में न डाला जाए। रिक्त पडे़ सभी हाई स्कूल हेडमास्टर के शीघ्र मास्टर वर्ग से पदोन्नति से भरे जाए। इस अवसर पर पूर्व प्रदेशाध्यक्ष रमेश मलिक, मुख्य संरक्षक सतपाल बूरा, महेंद्र मलिक, सूरजभान गौतम, नरेंद्र शर्मा, सतबीर गोयत ने अनशनकारियों को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।

बाप-बेटे सहित तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज

धोखे से जमीन नाम करवाकर सौदे की राशि न देने पर पुलिस ने बाप-बेटे सहित तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। कुरड़ निवासी जागीर सिंह ने अदालत में याचिका दायर कर कहा था कि वर्ष 2008 में भगवान सिंह ने उसकी छह मरले जमीन का सौदा किया था। भगवान सिंह ने उसे धोखे में रखकर खाली कागजातों पर हस्ताक्षर करवा लिए और फिर उसकी छह मरले जमीन को अपने बेटे रमेश चंद्र के नाम करा लिया। इसमें गाव के ही राकेश ने दोनों बाप-बेटों का सहयोग किया जबकि भगवान सिंह ने जमीन के सौदे की एवज में उसे कुछ भी नहीं दिया और उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया। जब उसने जमीन छोड़ने के लिए कहा तो उसने जमीन पर मलकियत होने का दावा किया और जमीन छोड़ने से मना कर दिया। अदालत ने याचिका पर संज्ञान लेते हुए पुलिस को मामला दर्ज करने के आदेश दिए थे। इस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुरड़ निवासी भगवान सिंह, उसके बेटे रमेश चंद और राकेश के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।

अलग-अलग स्थानों से ट्रांसफार्मर का सामान चुराया

पिल्लूखेड़ा : जिले में ट्रासफार्मर चोर गिरोह काफी दिनों से सक्रिय है और किसानों, बिजली निगम और पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ है। पिछले पाच दिनों में ट्रासफार्मर चोर गिरोह लगभग आधा दर्जन से ज्यादा वारदातों को अंजाम दे चुका है। ढाठरथ निवासी रामचंद्र ने पुलिस में शिकायत दी है कि उसने खेत में 16केवी का ट्रासफार्मर रखा हुआ था। मंगलवार रात को चोरों ने ट्रासफार्मर से क्वाइल, तेल, ताबे के तार सहित अन्य कीमती उपकरण चोरी कर लिए। मोरखी गांव निवासी शमशेर सिंह के खेत में रखे 10 केवी ट्रासफार्मर से भी चोरों ने कीमती उपकरणों को चोरी कर लिया। भंभेवा गांव निवासी लालचंद और सतबीर के खेत में रखे ट्रासफार्मरों से चोरों ने कीमती स्पेयर पा‌र्ट्स, एचटी, एलटी कॉपर, क्वाइल और ऑयल को चोरी कर लिया। पीड़ित किसानों ने चोरी की शिकायत निगम के अधिकारियों तथा पुलिस को दे दी है।

मॉडल के साथ सामूहिक दुराचार करने का आरोपी काबू

 नरवाना : कालवन गांव के पास लगभग दस माह पहले हरियाणवी एलबम का झासा देकर मॉडल के साथ सामूहिक दुराचार करने के आरोप में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसे ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहा से मजिस्ट्रेट ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। नई दिल्ली स्थित लाजपत नगर निवासी एक मॉडल ने गत 10 अगस्त 2011 को पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि लोन निवासी अनिल ने उसे हरियाणवीं एलबम में मुख्य किरदार देने के लिए बुलाया था। गत नौ अगस्त शाम को अनिल उसे लोकेशन दिखाने के बहाने इधर-उधर घुमाता रहा। देर रात कालवन निवासी राजेश, सुरेश उन्हे धरौदी बस अड्डे पर मिले। फिर उसे लोकेशन दिखाने के बहाने कालवन गांव के खेत में बने कमरे में ले गए और तीनों ने उसके साथ सामूहिक दुराचार किया। आरोपियों ने घटना के बारे में किसी को बताने पर उसे जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने मॉडल की शिकायत पर लोन निवासी अनिल, कालवन निवासी राजेश, सुरेश के खिलाफ मामला दर्ज किया था। बाद में पुलिस ने अनिल व राजेश को गिरफ्तार कर लिया था जबकि सुरेश भूमिगत हो गया था।

अब तीन माह मिलेगी छात्राओं को योग की शिक्षा


अब स्कूली छात्राओं को मिलने वाली योग की शिक्षा तीन माह तक मिलेगा। सर्व शिक्षा अभियान के तहत लगने वाले लगने वाले यह शिविर अब तीन के होंगे जबकि पहले यह शिविर दो माह तक ही लगाए जाते थे। इसके लिए नान नेपजल ब्लॉक के पांच-पांच स्कूलों का चयन किया जाएगा, जहां यह शिक्षा छात्राओं को प्रदान की जाएगी। सर्व शिक्षा अभियान के निदेशक ने सभी जिला परियोजना संयोजकों को पत्र जारी कर योग शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं।
सर्व शिक्षा अभियान की तरफ से हर साल पहली से आठवीं कक्षा की छात्राओं को योग प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाते हैं। इस बार भी यह शिविर अगस्त माह में आयोजित किए जाएंगे। यह शिविर जिले के नान नेपजल ब्लाक जींद, जुलाना, सफीदों तथा पिल्लूखेड़ा में आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए इन सभी चारों ब्लाक के पांच-पांच स्कूल का चयन किया जाएगा।
इस प्रशिक्षण शिविर के लिए बाकायदा एक ट्रेनर की नियुक्ति की जाएगी। इस ट्रेनर को हर माह सर्व शिक्षा अभियान की तरफ से 4500 रुपये प्रतिमाह की राशि प्रदान की जाएगी। यह शिविर छात्राओं को स्कूल में खाली समय में लगाए जाएंगे, क्योंकि योग करते समय खाली पेट होना बहुत जरूरी होता है।
पहले छात्राओं को दो माह तक योग की शिक्षा मिलती थी, लेकिन तीन माह तक का समय कर दिया गया है। नान नेपजल ब्लाकों के पांच-पांच स्कूलों का चयन किया जाएगा। इससे छात्राओं को काफी फायदा मिलेगा।
भीमसैन भारद्वाज, जिला परियोजना संयोजक

खुद को पर्यावरण के लिए महिला वकील ने कर दिया समर्पित

अब तक लगवा चुकी 177 त्रिवेणी जींद। महिला एडवोकेट संतोष यादव ने खुद को पर्यावरण की हिफाजत के लिए समर्पित कर दिया है। वह जींद समेत अब तक...