Thursday, 23 November 2017

...अब गांवों में भी होगी पशुओं की टैगिंग

पशुपालन विभाग ने शुरू किया गौवंश के रजिस्ट्रेशन का काम
अब तक 15 हजार पशुओं की हो चुकी टैगिंग
गौवंश के गायब होने पर तुरंत लगेगा पता 

जींद : जिले में पशु पालन विभाग द्वारा गौवंश का रजिस्ट्रेशन करने का काम शुरू किया गया है। अब तक 15 हजार पशुओं की टैगिंग विभाग कर चुका है। टैगिंग के पीछे मकसद यह है कि शहर में कोई भी पशुपालक अपने पशु को आवारा नहीं छोड़ पाएगा। अब पशु के जन्म के बाद ही पशुपालन विभाग द्वारा पशुओं की टैगिंग की जा रही है। किसी पशुपालक का पशु चोरी होने पर उसका पता लगाने में भी आसानी रहेगा। इसके अलावा विभाग ने नंदीशाला और गौशालाओं में पशुओं की टैगिंग के बाद अब गांवों की ओर रूख किया है। 
जींद जिले में पशुपालन विभाग ने शहर में आवारा पशुओं की संख्या नहीं बढ़े, इसी को ध्यान में रखते हुए गौवंश की टैगिंग करने का काम शुरू किया है। कई लोग बछड़े के जन्म के बाद उसे छोड़ देते हैं। अब ऐसे लोगों की प्रशासन आसानी से पहचान कर सकेगा कि किस पशुपालक ने यह बछड़ा छोड़ा है। पशुपालन विभाग द्वारा पशुओं का जो रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है, यह सिस्टम पूरी तरह जन्म प्रमाण पत्र की तरह है। इसमें रजिस्ट्रेशन के साथ गौवंश की मालकीयत का भी पूरा विवरण होगा। गौवंश को आवारा छोड़ते ही उसके मालिक का पूरा विवरण सामने आ जाएगा। ऐसे हालातों में गौवंश के आवारा छोडऩे पर अंकुश लग सकेगा। आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या से भी निजात मिल जाएगी। 
बॉक्स
अब तक 15 हजार गौवंश की टैगिंग
अब तक जिले में लगभग 15 हजार गौवंश को टैग किया जा चुका है, जबकि रजिस्ट्रेशन की मुहिम अब चलाई जा रही है। प्रदेश भर में आवारा पशु बड़ी समस्या बने हुए हैं। इसमें ज्यादातर आवारा पशु बछड़े हैं। प्रदेश सरकार ने जिला स्तर पर नंदीशाला बनाकर इनमें गौवंश को बंद किया है। कागजातों में जिलों को आवारा पशु से मुक्त कर दिया गया। इसके बावजूद बड़ी तादाद में आवारा गोवंश अब भी समस्या बने हुए हैं। 
बॉक्स
नंदीशाला और गौशाला के बाद अब गांवों की ओर रूख
आवारा गौवंश की समस्या से निपटने के लिए पशु पालन विभाग ने गौवंश का रजिस्ट्रेशन करने का निर्णय लिया है। पहले नंदीशाला तथा गौशालाओं में गौवंश को टैग किया। इसके बावजूद हालात नहीं बदले तो अब पशु पालन विभाग ने पशु पालकों की ओर रूख किया है जो गौवंश को पाल रहे हैं। कोई पशु पालक गोवंश को आवारा नहीं छोड़े, इसके लिए पशु पालन विभाग घर-घर जाकर गौवंश का रजिस्ट्रेशन करेगा और उन्हें टैग लगाएगा। रजिस्ट्रेशन का जिम्मा संबंधित गांव के पशु चिकित्सक करेंगे। 
बॉक्स
गौवंश की संख्या और सारा विवरण होगा दर्ज
पशुपालन विभाग के अधिकारी गांवों में जाकर गौवंश की संख्या, जन्म लेने वाला गौवंश, गौवंश का मालिक का नाम दर्ज करेंगे। गौवंश के रजिस्ट्रेशन तथा टैग के बाद गौवंश को आवारा छोडऩे पर झट से मालिक का पता लग जाएगा। इसके आधार पर मालिक के खिलाफ भी गौवंश को आवारा छोडऩे पर कार्रवाई की जा सकती है। दूसरा पहलू यह भी है कि गौवंश के गायब होने पर रजिस्ट्रेशन के माध्यम से उसका सुराग भी लग जाएगा। 
बॉक्स
आवारा गौवंश की घटेगी संख्या : डॉ. रणबीर
पशु पालन विभाग के उपनिदेशक डा. रणबीर सिंह ने बताया कि शहर में आवारा गौवंश की संख्या नहीं बढ़े, इसी को ध्यान में रखते हुए गौवंश की टैगिंग की जा रही है। अब तक 15 हजार पशुओं की टैगिंग हो चुकी है। आवारा पशु छोडऩे पर पशु के मालिक की पहचान करने में टैगिंग के बाद आसानी रहेगी और आवारा पशु मालिक के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जा सकेगी।

गुरु तेग बहादुर का शहीदी दिवस धूमधाम से मनाया

धर्म हेत साका जिन किया, शीश दिया पर सिर न दिया
गुरुद्वारों में सजाए गए धार्मिक दीवान

जींद
नौंवी पातशाही गुरु तेग बहादुर साहिब के 443वें शहीदी गुरुपूर्व के अवसर पर जिलाभर के सभी गुरुद्वारा में वीरवार को धार्मिक दीवान सजाए गए। जिसमें रागी जत्थों द्वारा गुरबाणी कीर्तन किया गया। गुरुघर के प्रवक्ता बलविंद्र सिंह ने बताया कि सिंह सभा गुरुद्वारा भारत सिनेमा रोड प्रबंधक कमेटी द्वारा शहर में नगर कीर्तन निकाला गया जिसमें गुरुद्वारा तेग बहादुर पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं सहित अन्य स्कूलों के बच्चों ने भाग लिया। इसमें छोटे-छोटे बच्चों को पंच प्यारों की वेषभूषा में सजाया हुआ था। उनके पीछे-पीछे बच्चे रंग बिरंगी पौशाकों में डम्बल एवं पीटी शो करते चल रहे थे। नगर कीर्तन में छात्र-छात्राओं का पंजाबी भंगड़ा व गिद्दा आकर्षण का केंद्र रहा। नगर कीर्तन के साथ-साथ सरब सांझा कीर्तन जत्थे के साथ-साथ सुखमणी सेवा सोसायटी के सेवादार भी समूह संगत के सहयोग से गुरु तेग बहादुर की शहादत का गुणगान करते हुए सतनाम वाहेगुरु का जाप जपते चल रहे थे। नगर कीर्तन गुरुद्वारा सिंह सभा से चल कर शिव चौंक, पंजाबी बाजार, तांगा चौंक, मेन बाजार, रानी तालाब से होते हुए गुरुद्वारा तेग बहादुर में संपन्न हुआ। यहां पर गुरुद्वारा मैनेजर परमजीत सिंह व गुरुद्वारा गुरुतेग बहादुर साहिब के हैड ग्रंथी ज्ञानी रणजीत सिंह द्वारा नगर कीर्तन का स्वागत किया गया। इस अवसर पर गुरुद्वारा तेग बहादुर साहिब में आयोजित धार्मिक दीवान में रागी भाई जसबीर सिंह के रागी जत्थे ने धर्म हेत साका जिन किया, शीश दिया पर सिर न दिया, साधो मन का मान त्यागो गुरुबाणी शब्दों द्वारा अपने गुरु का यश गायन किया। गुरुद्वारा साहिब में हैड ग्रंथी ज्ञानी रणजीत सिंह ने संगतों को संबोधित करते हुए कहा गुरुद्वारा तेग बहादुर साहिब को शहीदी सूरमा बताया कि इतना बड़ा कदम उठाने से पहले गुरु जी ने अपने राज पाट तथा जान की  बिल्कुल परवाह नहीं की। सेवा और त्याग की भावना से परिपूर्ण होकर ही उनके बाद दसवें गुरु गोबिंद सिंह ने हिंदू धर्म की रक्षा की खातिर अपना सारा ही परिवार कुर्बान कर दिया था। कथावाचक ज्ञानी गुरविंद्र सिंह ने अपने व्याख्यान में गुरु तेग बहादुर, गुरु गोबिंद सिंह व उनके चारों पुत्रों द्वारा हिंदू धर्म की रक्षा के लिए मुगल सेना से डटकर मुकाबला किया। वहीं गांव खरकभूरा में भी शहीदी गुरु पर्व मनाया गया। गुरुघर के प्रवक्ता बलविंद्र सिंह ने बताया कि गांव खरकभूरा स्थित गुरुद्वारा में भाई गुरमीत सिंह के कविश्री जत्थे ने गुरुतेग बहादुर साहिब की शहादत का व्याख्यान किया। उल्लेखनीय है कि जब गुरु तेग बहादुर साहिब आनंदपुर साहिब से  दिल्ली चांदनी चौंक शहीदी के लिए जाते-जाते गांव खरकभूरा में रात्रि विश्राम किया था तथा उसके पश्चात गांव खटकड़ से होते हुए जींद पहुंचे थे। यहां उस समय साधुओं का डेरा था। इन्हें गुरु तेग बहादुर साहिब ने साधो मन का मान त्यागो की बात कहते हुए गुरुज्ञान दिया था। उन्होंने सिख धर्म में रहते हिंदू धर्म की रक्षा की रक्षा के खातिर अपना सरबंश कुर्बान कर विश्व में अनूठी मिसाल दी थी। इससे पहले अमृत सवेरे सिख श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारा साहिब में जाकर अपने गुरु श्री गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेक कर गुरु तेग बहादुर साहिब की शहादत को नमन किया। इस मौके पर सिंह सभा गुरुद्वारा भारत सिनेमा रोड के प्रधान सुरेंद्र सिंह टक्कर, गुरविंद्र सिंह, अनिल ठुकराल, दर्शन सिंह कोचर, महेंद्र सिंह, कुलदीप विर्क, लाडी चीमा, रामसिंह दुग्गल, हरबंस सिंह, सरदार सिंह, जसबीर सिंह टीटी, कमलजीत ग्रेवाल व अजीत सहित गुरुद्वारा तेग बहादुर पब्लिक स्कूल का स्टाफ मौजूद रहा। 






सम्मानित होंगे सर्वश्रेष्ठ युवा और सर्वश्रेष्ठ युवा संगठन

5 दिसम्बर तक लिए जाएंगे नामांकन

जींद :  खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग हरियाणा  2016-17  में जिला तथा राज्य स्तर पर सर्वश्रेष्ठ युवा पुरस्कार के लिए बीते एक वर्ष तथा सर्वश्रेष्ठ युवा संगठन के लिए बीते 3  वर्षों की उच्च कोटि की उपलब्धियों के आधार पर नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए 5 दिसम्बर तक विभाग में आवेदन लिए जाएंगे। 
खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी विनोद बाला ने बताया कि जिला स्तर पर एक सर्वश्रेष्ठ युवा को 20 हजार रूपए तथा सर्वश्रेष्ठ युवा संगठन को 30000 की नकद राशी तथा राज्य स्तर पर 5 सर्वश्रेष्ठ युवाओं को 40 हजार रूपए प्रति युवा और एक सर्वश्रेष्ठ युवा संगठन को 75 हजार रूपए का नकद इनाम देकर सम्मानित किया जाएगा। इसमें युवाओं को ही अहमियत दी जाएगी जिन्होंने स्वास्थय एवं परिवार कल्याण, स्वच्छता अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, पर्यावरण सरंक्षण, साक्षरता कार्यक्रम, महिला सशक्तिकरण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल गतिविधियां, संसाधन निर्माण, रोजगार उत्पादन संबंधी कार्यक्रम, महत्वपूर्ण दिवस तथा सप्ताह समारोह आयोजन, सामाजिक बुराईयों के विरूद्व कार्यक्रम, समाज कल्याण कार्यक्रम, सफ ाई अभियान, साहसिक कार्यक्रम, राष्ट्रीय एकता संबंधी कार्यक्रम में भाग लेकर उच्च उपलब्धि प्राप्त की हो। युवा पुरस्कार के लिए युवा 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग का तथा  सरकारी और अर्ध सरकारी सेवा में कार्यरत नहीं हो। किसी राजनीतिक, धार्मिक और राष्ट्रीय स्तर के महासंघों, संप्रदाय विशेष जाति वर्ग और संघों में शामिल नहीं हो।  सर्वश्रेष्ठ युवा संगठन कल्ब 1860 एक्ट के आधार पर रजिस्टर्ड हो। केवल ऐसे युवा कल्बों को प्राथमिकता दी जाएगी जो केवल खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग हरियाणा और नेहरू युवा संगठन से सक्रिय रूप से जुड़े हों। युवा संगठन किसी व्यक्तिगत अथवा सामूहिक लाभ के लिए नहीं चलाया जा रहा हो और बीते 3 वर्षों की उपलब्धियों पर विचार किया जाएगा।  

...और रानी तालाब में शुरू हुई बोटिंग

डीसी ने किया बोटिंग का शुभारंभ
6 बोट तालाब में करवाएंगी बोटिंग
कई साल पुराना सपना हुआ साकार

जींद : शहर के रानी तालाब में कई सालों के बाद एक बार फिर बोटिंग वीरवार को शुरू हो गई। डीसी अमित खत्री ने वीरवार को इसका शुभारंभ किया। अब रानी तालाब में 6 बोट लोगों को बोटिंग करवाएंगी। इसमें सुरक्षा का विशेष ख्याल रखा जाएगा। वीरवार को जब डीसी अमित खत्री ने रानी तालाब में बोटिंग का शुभारंभ किया, तब इसके साथ शहर के लोगों का कई साल पुराना सपना साकार हो गया। अब रानी तालाब शहर का एक सुंदर पर्यटक स्थल बन गया है। 
जींद के डीसी अमित खत्री के प्रयासों के चलते लगभग 2 महीने पहले जींद के रानी तालाब में बोटिंग शुरू करने का फैसला लिया गया था। इसके लिए जिला प्रशासन ने बोटिंग के लिए ठेका दिया है। वीरवार को रानी तालाब में रंग-बिरंगी 6 बोट छोड़ी गई। इन्हें डीसी अमित खत्री ने हरी झंडी दिखाकर तालाब में रवाना किया। इस मौके पर एसडीएम महावीर प्रसाद, नप के कार्यकारी अधिकारी डा. सुरेश चौहान, एमई बलराज सिंगला, नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन और व्यापार मंडल के जिला प्रधान ताराचंद जिंदल, कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डा. एके चावला, टीम अन्ना के सुनील वशिष्ठ, जयकुमार सिंगला आदि खास तौर पर मौजूद थे। डीसी अमित खत्री ने कहा कि रानी तालाब में बोटिंग लोगों की मांग पर शुरू की गई है। रानी तालाब में बोटिंग शुरू होने से यह जींद के सुंदर पर्यटक स्थल के रूप में विकसित होगा। यहां शहर के लोग फुर्सत के चंद पल शुकून के साथ गुजार सकेंगे। बोटिंग करने वालों के लिए लाइफ जैकेट का इंतजाम किया गया है। यहां बोटिंग के लिए आने वालों की सुरक्षा सबसे पहले है।
बाक्स
बोटिंग करने वालों ने कहा हुआ गुड फील
वीरवार को जब रानी तालाब में बोटिंग का शुभारंभ डीसी अमित खत्री ने किया तो पहली बोटिंग के लिए कुछ दंपत्ति यहां पहुंचे। बोटिंग के बाद कुसुम शर्मा, सीमा, विरेंद्र चहल आदि ने कहा कि रानी तालाब में बोटिंग कर उन्हें गुड फील हुआ है। यह प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं का अच्छा प्रयास है। रानी तालाब को जिस तरह पर्यटक केंद्र के रूप में विकसित किया गया है, उससे शहर के लोगों को काफी सुखद अनुभव होगा। सीमा और कुसुम ने कहा कि वह रानी तालाब में बोटिंग कर बेहद खुश हुई। 
बाक्स
सालों पुराना सपना हुआ साकार
रानी तालाब में वीरवार को बोटिंग शुरू होने के साथ 2 लाख की आबादी वाले जींद शहर के लोगों का सालों पुराना सपना साकार हुआ है। कई साल पहले भी रानी तालाब में बोटिंग शुरू हुई थी लेकिन बाद में तालाब में पानी कम हो गया था और बोटिंग बंद हो गई थी। एक बार फिर रानी तालाब में बोटिंग शुरू होने से लोगों का सालों पुराना सपना फिर साकार हुआ है। लंबे समय से लोग मांग कर रहे थे कि रानी तालाब में साफ नहरी पानी भरकर इसमें बोटिंग शुरू की जाए। 
बॉक्स
यह रहेंगे बोटिंग के रेट 
जींद के रानी तालाब में बोटिंग के लिए 2 सवारी वाली बोट में 30 मिनट के लिए 100 रूपए, 4 सवारी वाली बोट में सवारी के लिए 150 रूपए लोगों को देने होंगे। 
बॉक्स
प्रशासन का फैसला सराहनीय : वशिष्ठ
अन्ना टीम के सदस्य सुनील वशिष्ठ ने कहा कि जींद के डीसी अमित खत्री के प्रयासों से जींद के रानी तालाब में बोटिंग शुरू हो पाई है। बोटिंग शुरू होने का सबसे ज्यादा लाभ जींद के लोगों को होगा। इस समय जींद जिले में कहीं भी बोटिंग की सुविधा नहीं है। जींद का रानी तालाब जींद जिले की शान है। प्रशासन द्वारा इसमें बोटिंग शुरू करने के बाद रानी तालाब में लोगों की भारी भीड़ उमडऩे की उम्मीद है।

स्कूली बच्चों के लिए खगोल गुंबद की योजना

इसमें बच्चे कर सकेंगे कृत्रिम खगोल की सैर
दिल्ली के एनजीओ ने योजना को लेकर दिया डैमो
जींद : जिला प्रशासन की एक योजना सिरे चढ़ी तो बहुत जल्द जींद जिले के स्कूली बच्चे कृत्रिम सौरमंडल की सैर कर पाएंगे। वह अपनी आंखों से सौरमंडल को देख और कानों से सौरमंडल की आवाजों को सुन पाएंगे। इस योजना को लेकर दिल्ली के एक एनजीओ ने मंगलवार को जींद के बाल भवन में एक डैमो भी दिया। यह डैमो जींद के डीसी और जिला बाल कल्याण परिषद के अध्यक्ष अमित खत्री को काफी पसंद आया। जल्द इसे लेकर डैमो देने वाले दिल्ली के एनजीओ से आगे बात की जाएगी। 
कुरूक्षेत्र में बनाए गए कल्पना चावला तारामंडल की तर्ज पर जींद में स्कूली बच्चों के लिए खगोल गुंबद की योजना को लेकर जींद के डीसी अमित खत्री ने काफी गंभीरता दिखाई है। डीसी ने जींद में इस योजना को लेकर जो खाका तैयार किया है, उसमें जींद का यह खगोल गुंबद भले ही आकार में कुरूक्षेत्र के कल्पना चावला तारामंडल से आकार और प्रकार में पूरी तरह से छोटा और अलग होगा लेकिन यह स्कूली बच्चों को सौरमंडल की सैर का लाइव अनुभव निश्चित रूप से करवाएगा। इसमें एक बड़ी मोबाइल बस पर हवा के प्रैशर से सौरमंडल का गुंबद बनेगा। सौरमंडल के इस गुंबद में पूरा सौरमंडल समाया होगा। इसमें ऐसा आडियो-विजुवल सिस्टम लगा होगा कि बच्चों को सौरमंडल नजर आएगा और उसकी आवाजें भी सुनाई देंगी। इस गुंबद में पूरी तरह से अंधेरा कर दिया जाएगा। बड़े बच्चे इसे देखने के लिए आते हैं तो एक बार में लगभग 50 से 60 बच्चे इसे देख पाएंगे। प्राइमरी कक्षाओं के बच्चों को यह दिखाया जाएगा तो एक बार में 90 से 100 बच्चे आसानी से इसमें बैठकर सौरमंडल की सैर कर पाएंगे। 
बाक्स
प्रोजैक्टर, स्लाइड आदि से दिखाया जाएगा गुंबद में सौरमंडल
स्कूली बच्चों का पृथ्वी और सौरमंडल के बारे में वैज्ञानिक ज्ञान बढ़ाने के लिए इस खगोल गुंबद में प्रोजैक्टर और स्लाइड की मदद से पूरा सौरमंडल बच्चों को दिखाया जाएगा। इसके पीछे सोच यह है कि बच्चे पृथ्वी और सौरमंडल के बारे में किताब पढ़कर जितनी जल्दी जानकारी अपने मन में नहीं बैठा पाते, वह जानकारी खुद सौरमंडल की इस तरह से सैर कर खुद-ब-खुद बच्चों के दिमाग में बैठ जाएगी। 
बाक्स
दिल्ली के एक एनजीओ ने बाल भवन में दिया डैमो
दिल्ली के एक एनजीओ डा. एपीजे अब्दुल कलाम सैंटर ने जींद में मोबाइल खगोल गुंबद को लेकर मंगलवार को जींद के बाल भवन में इसका डैमो दिया। इस डैमो को अधिकारियों और बच्चों ने देखा। जींद के डीसी अमित खत्री और जिला बाल कल्याण अधिकारी अनिल मलिक आदि को यह डैमो काफी पसंद आया। अब अधिकारी इस योजना को लेकर डैमो देने वाले सैंटर से बात करेंगे। 
बाक्स
बच्चों के लिए खगोल गुंबद की योजना : डीसी
डीसी अमित खत्री के अनुसार स्कूल बच्चों के लिए खगोल गुंबद की योजना प्रशासन ने बनाई है। इस योजना को लेकर दिल्ली के डा. एपीजे अब्दुल कलाम सैंटर नामक एनजीओ से बात की गई है। इसके प्रोग्राम मैनेजर शैली शाह ने बाल भवन में योजना को लेकर डैमो दिया है। एक दिन का इस तरह के खगोल शो का खर्च 12 हजार रूपए होगा। इसमें ट्रांसपोर्ट खुद वह संस्था वहन करेगी, जिसके यहां यह शो होगा। अगर कोई संस्था ट्रांसपोर्ट का खर्च वहन नहीं करना चाहती तो उसके यहां इस शो के लिए एक दिन के एक शो के लिए 15 हजार रूपए लगेंगे। डीसी अमित खत्री के अनुसार यह बच्चों के लिए एक मनोरंजक और शिक्षाप्रद प्रोजैक्ट है। इस पर जिला प्रशासन गंभीरता से विचार कर रहा है। जिला बाल कल्याण परिषद की मदद से इस प्रोजैक्ट को जींद में चलाया जाएगा। 

अवैध पेयजल कनैक्शन वाले उपभोक्तओं पर शिकंजा कसना शुरू

अवैध कनेक्शन के अलावा नल खुला छोड़ा तो जुर्माने का प्रावधान
2046 घरों का सर्वे, 1377 कनैक्शन वैध, 19 सक्षमों की सर्वे डयूटी लगाई 

अलेवा
सीएम के आदेशों के बाद अब जनस्वास्थ्य विभाग ने नगूरां गांव में अवैध पेयजल कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं पर शिकंजा कसने का मन बना लिया है। नगूरां गांव में सर्वे सुपरवार्ईजर ईश्वर सिंह ने बताया कि नगूरंा गांव में पेयजल कनैक्शन के वैध के लिए जुलाई माह से करीब 19 सक्षमों की सर्वे डयूटी लगाई हुई है। यह सर्वे नवंबर माह तक चलेगा उसके बाद पेयजल कनैक्शन धारकों को जींद पहुंच कर अपने पेयजल कनेक् शन रेगूलर कराने पड़ेगें। उसके बाद भी पेयजल उपभोक्ता अपने कनैक्शन को वैध नहीं करवाते तो सीएम के आदेशों के तहत उन पर एफआईआर करवाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि अवैध पेयजल कनैक्शन धारकों को नोटिस भेजकर सात दिन का समय दिया जा रहा है। अगर नोटिस भेजने के बाद भी कोई अपना पेयजल कनैक्शन वैध नहीं करवाता तो उसका कनैक्शन काटने के साथ ही उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई जा सकती है। इसलिए सभी उपभोक्ताओं को अपने पेयजल कनेक् शन जल्द से जल्द वैध करवा लेने चाहिए। उन्होंने कहा कि यही नहीं ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को कार्र्यालय के चक्कर लगने के दौरान होने वाली परेशानी से बचाने के लिए पेयजल कनेक्शन को घर-घर पहुंचकर वैध किया जा रहा है।  
2046 घरों का सर्वे, 1377 कनैक्शन वैध
नगूरां गांव में जल संरक्षण अभियान के तहत सक्षम युवाओं की टीम अभी तक 2046 घरों का सर्वे कर 1377 घरों का कनेक्शन वैध करने का काम कर चुकी है। जिसमें अनुसूचित जाति के करीब 682 घर शामिल हैं। सरकार को 500 रुपये प्रति वैध कनैक्शन हजारों रूपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।
अवैध कनेक्शन के अलावा नल खुला छोड़ा तो जुर्माने का प्रावधान
सुपरवाईजर ईश्वर सिंह ने बताया कि जल संरक्षण अभियान के तहत अगर किसी पेयजल उपभोक्ता ने पानी का नल खुला छोड़ा तो उस पर एक हजार रूपये जुर्माने के अलावा वैध कनैक्शन न करवाने वाले पेयजल उपभोक्ताओं पर तीन हजार की मार पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि सामान्य वर्ग के लोगों को पेयजल बिल के रूप में 20 रुपये तथा अनुसूचित जाति के लोगों को प्रति माह 10 रुपये बिल के रूप में वहन करने पड़ेगें।

मुख्य बाजारों से पुलिस ने हटवाया अतिक्रमण

दुकानदारों ने किया हुआ था चार से पांच फुट तक अतिक्रमण
पिछले साल अतिक्रमण हटाने के बाद 8 फुट चौड़े हो गए थे बाजार

जींद
अतिक्रमण की जद में आ चुके बाजार को अतिक्रमण मुक्त करवाने के  लिए बुधवार को शहर थाना द्वारा कार्रवाई अभियान चलाया गया। अभियान के तहत शहर थाना पुलिसकर्मियों ने अतिक्रमण किए दुकानदारों को चेताया कि फिर से अतिक्रमण किया गया तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पुलिस द्वारा चलाए गए अभियान के चलते दुकानदारों में हड़कंप मच गया और दुकानों के बाहर रखे सामान को समेटते नजर आए। गौरतलब है कि शहर का मुख्य बाजार पूरी तरह से अतिक्रमण की जद में हैं। यदि बाजार में कोई आगजनी की घटना घटित होती है तो फायर ब्रिगेड की गाड़ी बाजार के अंदर तक नहीं जा सकती है। जिससे बड़ा हादसा होने के आसार हमेशा बने रहते हैं। ऐसा नहीं है कि अतिक्रमण हटवाने को लेकर कार्रवाई न की जाती हो। बावजूद इसके दुकानदार अतिक्रमण करने से बाज नहीं आते हैं। दुकानदारों द्वारा दुकानों के बाहर सामान रख कर पहले से ही तंग सड़क को और तंग कर दिया जाता है जिससे यहां से गुजरने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। 
दुकानदारों ने किया है आठ से दस फुट तक अतिक्रमण
शहर के मुख्य बाजार में लगभग 300 से 350 तक दुकानें हैं और हर दुकानदार द्वारा अपनी दुकानों के आगे सामान रख कर सड़क को तंग करके रख दिया गया है। हालांकि नगर परिषद कर्मियों द्वारा समय-समय पर अभियान चला कर अतिक्रमण हटवाने का काम किया जाता है लेकिन दुकानदार अतिक्रमण करने से बाज नहीं आते हैं और नगर परिषद कर्मियों के जाते ही फिर से अतिक्रमण कर लेते हैं। ऐसे में दुकानदारों के इस रवैये से जहां बाजार आने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है  वहीं वाहन चालकों को भी बाजार से गुजरने में दिक्कत होती है। 
डीसी के समक्ष भी उठा मामला
शहर में दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण के मामले को डीसी अमित खत्री के समक्ष भी जोर-शोर से उठाया गया। डीसी द्वारा इस मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए नगर परिषद अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए जाने की बात कही गई। डीसी द्वारा नप अधिकारियों से कहा गया कि वो बाजार में अतिक्रमण हटवाने की वीडियो रिकोर्डिंग करवाएं। अगर फिर से कोई दुकानदार बाजार में अतिक्रमण करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए। इसके साथ ही व्यापार एसोसिएशन पदाधिकारियों से मिल कर भी इस बात को पुख्ता किया जाए कि बाजार में कोई भी दुकानदार अतिक्रमण न करे। 
शहर थाना पुलिस ने चलाया अतिक्रमण हटाओ अभियान
शहर में दुकानदारों द्वारा किए अतिक्रमण के खिलाफ बुधवार को शहर थाना प्रभारी राविश कुमार के नेतृत्व में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। अभियान के तहत दुकानदारों द्वारा बाहर रखे सामान को उठावाया गया और उन्हें कड़ी चेतावनी भी दी गई। पुलिस द्वारा चलाए गए इस अभियान से दुकानदारों में हड़कंप मच गया और वो दुकानों के बाहर रखा अपना-अपना सामान समेटते नजर आए। 
क्या कहना है शहर थाना प्रभारी का
शहर थाना प्रभारी राविश कुमार ने कहा कि बुधवार को शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया है। अभियान के तहत दुकानों के बाहर रखे सामान को हटवाया यगा है। इसके साथ ही दुकानदारों को चेताया गया कि अब अगर फिर से उन्होंने अपनी-अपनी दुकानों के बाहर सामान रख अतिक्रमण किया तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। 

खुद को पर्यावरण के लिए महिला वकील ने कर दिया समर्पित

अब तक लगवा चुकी 177 त्रिवेणी जींद। महिला एडवोकेट संतोष यादव ने खुद को पर्यावरण की हिफाजत के लिए समर्पित कर दिया है। वह जींद समेत अब तक...