Thursday, 30 November 2017

...तीन साल में एड्स के 426 मरीज आए सामने

जींद में बढ़ रही एड्स के मरीजों की संख्या
एड्स रोगियों में 40 गर्भवती महिलाएं भी शामिल

 जींद 
जींद जिला में एड्स के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले तीन सालों में स्वास्थ्य विभाग को 426 लोग ऐसे मिले हैं जो एड्स रोग से ग्रसित हैं और इनमें 40 गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। हालांकि हरियाणा एड्स कंट्रोल सोसायटी और स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा एड्स के प्रति लोगों को जागरूक करने को लेकर समय-समय पर शिविरों का भी आयोजन किया जा रहा है लेकिन इस जागरूकता के बाद भी एड्स का ग्राफ कम होने की बजाय लगातार बढ़ रहा है। 
लाखों रुपये हो रहे हैं खर्च 
जिला में किसी भी तरीके से एड्स न फैले इसके लिए स्वास्थ्य विभगा द्वारा 
विभाग द्वारा जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इसके लिए लाखों रुपए का बजट भी होता है और इन कार्यक्रमों पर रुपए भी खर्च किए जाते हें। स्वास्थ्य विभाग के लाखों प्रयास के बाद भी लोग जागरूक नहीं हो रहे हैं। पिछले तीन सालों के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो जिले में 426 लोग एड्स से ग्रस्त मिले। साल 2014 में 150 लोग एड्स से ग्रस्त मिले हैं। इनमें 79 पुरूष और 61 महिलाएं शामिल थी। इस साल स्वास्थ्य विभाग द्वारा 7881 महिलाओं और पुरूषों की जांच की गई थी। इसके अलावा 6554 गर्भवती महिलाओं की जांच के बाद 10 गर्भवती महिलाएं एड्स से ग्रस्त मिली हैं। 
वर्ष 2015 में एड्स से ग्रस्त लोगों की संख्या थी १३७ 
साल 2015 में एड्स से ग्रस्त लोगों की संख्या 137 रही। इस साल 92 पुरूष और 35 महिलाओं को एडस से पीडि़त होने की पुष्टि हुई। इस साल जांच के दौरान 10 गर्भवती महिलाएं एडस से ग्रस्त मिली। स्वास्थ्य विभाग द्वारा साल 2015 में 8969 मरीजों की जांच की गई। इसके अलावा 7190 गर्भवती महिलाओं की जांच स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई। साल 2016 में एड्स पीडि़त मरीजों की सं या 139 रही। इस साल गर्भवती महिलाओं की सं या 20 रही। विभाग की ओर से 7847 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। इसके अलावा 71 पुरूषों और 48 महिलाओं को एडस की पुष्टि हुई। 
एक साल में 100 से ज्यादा मरीजों ने बढ़ाई चिंता
स्वास्थ्य विभाग द्वारा एडस की बीमारी के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए कैंप लगाए जाते हैं। सबसे ज्यादा कैंप सार्वजनिक स्थलों पर लगाए जाते हैं। हरियाणा एडस कंट्रोल सोसायटी के कर्मचारी और काउंसलर खुद फील्ड में जाकर कैंप लगाते हैं और लोगों को एड्स से बचाव के बारे में जागरूक करते हैं। लाख प्रयासों के बाद भी जींद में एडस पीडि़तों की सं या हर साल 100 से अधिक सामने आ रही है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के अनुसार सबसे ज्यादा एडस चालकों को मिली है। 
एचआईवी को रोकने के लिए विभाग करता है हर संभव प्रयास : डॉ. दहिया
स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ डॉ. संजय दहिया ने बताया कि एचआईवी को रोकने के लिए विभाग द्वारा जागरूकता कार्यक्रमों का तो आयोजन किया ही जा रहा है, इसके साथ ही समय-समय पर चालकों को भ्ज्ञी एड्स बीमारी के प्रति जागरुक किया जा रहा है। अब लोगों को भी इस बीमारी के प्रति जागरूक होने की जरूरत है। जब तक लोग जागरूक नहीं होंगे, तब तक एडस ग्रस्त लोगों की संख्या कम नहीं हो पाएगी। 

100 घंटे के रोजगार के लिए सबसे अधिक पोस्ट ग्रेजुवेट कर रहे आवेदन

सूक्षम युवा योजना के तहत 2155 पोस्ट ग्रेजुवेट ने किया आवेदन
विभाग ने 1606 फाइलों को दी अप्रूवल 
बेरोजगारी भत्ता लेने के लिए युवा 30 तक कर सकते हैं आवेदन 

 जींद 
बेरोजगारोंको 100 घंटे रोजगार देने के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई सक्षम युवा योजना का फायदा उठाने के लिए युवा बड़ी संख्या में आवेदन कर रहे हैं। आवेदन करने वालों में पीजी पास कर चुके युवाओं की संख्या अधिक हैं। वहीं बेरोजगारी भत्ता पाने के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 नवंबर है। 
जिला रोजगार कार्यालय द्वारा बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने के साथ-साथ 100 घंटे तक काम उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए बेरोजगारों से आवेदन मांगें गए हैं। इस योजना का फायदा उठाने के लिए आवेदक को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसकी एक प्रति कार्यालय में जमा करानी होगी। जो भी आवेदन पहुंचेंगे मेरिट के आधार पर उन्हें 100 घंटे का रोजगार मुहैया कराया जाएगा। अब इस योजना का फायदा उठाने के लिए सबसे ज्यादा युवा आवेदन कर रहे हैं। इसके लिए यूजी तथा पीजी पास बेरोजगार युवक आवेदन कर सकते हैं। आवेदक की उम्र 21 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। स्नातक पास भी आवेदन कर सकते हैं। हरियाणाए दिल्ली और चंडीगढ़ के विश्वविद्यालय से पास युवक ही आवेदन कर सकते हैं। योजना के तहत पीजी पास बेरोजगार युवक को तीन हजार और यूजी पास युवक को 1500 रुपए दिए जाएंगे। 
आवेदन करने की योग्यता
पुराने भत्ते के लिए आवेदक कम से कम 12वीं पास होना चाहिए। आवेदक की उम्र 21 से 35 वर्ष होनी चाहिए। परिवार के सदस्यों की आय तीन लाख रुपए से अधिक हो। एक नवंबर को नाम दर्ज कराए तीन वर्ष पूरे हो चुके हो। पांच एकड़ से अधिक कृषि योग्य जमीन हो। रिहायशी और कॉमर्शियल जमीन या भवन की कीमत 10 लाख रुपए से अधिक हो। 
प्रत्येकविभाग से मांगी जाती है जानकारी 
100 घंटे रोजगार के लिए आवेदन करने वाले युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए डीसी द्वारा प्रत्येक विभाग से रिपोर्ट मांगी जाती है। विभागों द्वारा सर्वे या फिर अन्य कार्यों के बारे में डीसी को रिपोर्ट भेजी जाती है। विभाग की जरूरत के अनुसार मेरिट के आधार पर आवेदकों को रोजगार मुहैया कराया जाता है। 
सक्षम योजना का फायदा उठाने के लिए अबतक जिला रोजगार कार्यालय के पास पोस्ट ग्रेजुवेट 2155 युवाओं ने आवेदन किया है। इसमें से 1606 फाइलों को विभाग की अप्रूवल मिली है। इसी तरह अंडर ग्रेजुवेट के लिए 1068 फाइलें विभाग को मिली हैं और इसमें से विभाग द्वारा 853 फाइलों को अप्रूव किया गया है। इसके अलावा जिला रोजगार कार्यालय में पुराने भत्ते के लिए आवेदन प्रक्रिया भी चल रही है। आवेदक 30 नवंबर तक आवेदन जमा करा सकते हैं। रोजगार कार्यालय में अब तक सैंकडों फाइल आवेदन के लिए आ चुकी हैं। इनमें 12वीं, यूजी और पीजी पास आवेदक शामिल हैं। आवेदन जमा करवाने की अंतिम तिथी 30 नवंबर होने के चलते आवेदकों की भीड़ बढ़ रही है। आवेदक रोजगार कार्यालय से निशुल्क फार्म प्राप्त कर सकता है। 
जिला सहायक रोजगार अधिकारी अंजू नरवाल ने बताया कि बेरोजगारी भत्ते के आवेदन को लेकर दिशा-निर्देश चस्पा किए गए हैं। इसके अलावा सूक्षम योजना के तहत भी आवेदक फाइल जमा करवा रहे हैं। अबतक पोस्ट ग्रेजुवेट के तहत 1606 फाइलों तथा अंडर ग्रेजुवेट के तहत 853 फाइलों को अप्रूव किया गया है। 

शहीद मेजर संजीव लाठर के जीवन से सभी युवा लें प्रेरणा : डीसी अमित

बुढ़ा खेड़ा गांव में शहीद की याद में लगाया रक्तदान शिविर
रक्तदान शिविर में 80 युनिट की एकत्रित

 जुलाना
गांव बुढ़ा खेड़ा लाठर में शहीद मेजर के शहादत दिवस के उपलक्ष्य में रक्तदान शिविर का आयोजन कियश गया। गत 30 नवंबर 2016
को सुकमा में हेलीकॉपर के क्रे श होने से मेजर संजीव लाठर शहीद हो गए थे के शहादत दिवस के रूप में रक्तदान शिविर का आयोजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता युवा संगठन के प्रधान बिजेंद्र ने की। कार्यक्रम में उपायुक्त अमित खत्री ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। शिविर में जींद के सिविल हॉस्पीटल की टीम ने ८० युनिट रक्त एकत्रित किया। कार्यक्रम छात्रों और ग्रामीणों को संबोधित करते हुए डीसी ने कहा कि सभी को शहीद मेजर के जीवन से प्रेरणा लेकर आगे बढऩा चाहिए। शहीद मेजर संजीव लाठर ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। सदैव संजीव लाठर लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे। बुढ़ाखेड़ा गांव के राजकीय स्कूल में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें सैंकड़ो ग्रामीणों सहित स्कूली बच्चों ने भाग लिया। कार्यक्र में स्कूली बच्चों ने देशभक्ति के गीत सुनाकर ग्रामीणों को भावविभोर किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यातिथि डीसी अमित खत्री ने  शहीद मेजर संजीव लाठर की प्रतिमा का शिल्यानास किया गया। इसके अलावा गांव में मौजूद प्राचीन तालाब रामसर के सौंदर्यकरण का भी शिलांयास किया गया। डीसी ने गांव के विकास के लिए १५ लाख रुपये देने की घोषणा की। डीसी ने कहा कि सरक ार शहीद के परिवार के साथ है। उनके जन्मदिन आगमी २८ फरवरी को गांव में सभी विभागों के अधिकारियों को बुलाकर एक खुले दरबार का आयोजन किया जाएगा। जिसमें गांव की सभी समस्याओं को मौके पर ही निपटान किया जाएगा। बच्चों को भी देशभक्ति की फिल्में देखकर प्रेरणा लेकर देश सेवा के लिए सेना में भर्ती होने के लिए अपना लक्ष्य निर्धारित करते हुए मेहनत करनी चाहिए। युवा संगठन के प्रधान बिजेंद्र ने उपायुक्त से मांग रखी कि उनके गांव के स्कूली बच्चों को परीक्षा देने के लिए दूसरे गांव में जाना पड़ता है। गांव में ही स्कूल में बच्चों की परीक्षाएं होनी चाहिए। इसके अलावा गांव को आदर्श गांव घोषित कर विकास कार्य करवाए जाएं। इस पर डीसी ने आस्वासन दिया कि शहीद के जन्मदिन पर यह सभी मांगे पूरी की जाएंगी।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी राजेश टिवाणा, पंचायती राज एसडीओ गोविंदराम, जेई कृष्ण गर्ग, ग्राम सचिव रमेश कुमार, रेडक्रॉस सचिव राजकपूर सूरा, जिला प्रशिक्षण अधिकारी ईश्वर सांगवान, समाजसेवी शमशेर लाठर, जुलाना थाना प्रभारी रोहतास ढूल, पार्षद सतीश पहलवान, भारत विकास परिषद के अध्यक्ष गुरदास, भाजपा से जुलाना के प्रत्याशी रहे संजीव बुआना, निगरानी कमेटी प्रमुख सतीश सांगवान, एसजी स्कूल के डायरेक्टर बलवान मलिक, सरपंच एसोसिएशन के प्रधान राजेश गोयत सहित काफी संख्या में सरपंच और ग्रामीण मौजूद रहे।

बनभौरी धाम के सरकारीकरण के विरोध में ब्राह्मणों ने खोला मोर्चा

सरकारीकरण केवल उनकी लाशों पर चलकर ही होगा
मंदिर के साथ-साथ गुरूद्वारों, मस्जिदों का भी करें सरकारीकरण : दीक्षित
षडय़ंत्र के पीछे बताया मुख्यमंत्री के निजी सचिव का हाथ
जींद
माता बनभौरी धाम के सरकारीकरण का फैसला करने वाली मनो सरकार के खिलाफ ब्राह्मणों ने मोर्चा खोल दिया है। ब्राह्मणों ने इसे सीधे-सीधे बड़ा षडयंत्र बताते हुए सरकार को अपना फैसला वापिस लेने के लिए 15 जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया है। इसके लिए उन्होंने साफ चेताया है कि सरकारीकरण केवल हजारों लाशों के ढेर पर चलकर ही किया जा सकता है। मंदिर के सरकारीकरण के विरोध में वे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नीतिन गडकरी, सुषमा स्वराज सहित कई केंद्रीय मंत्रियों के अलावा करनाल सांसद अश्विनी चोपड़ा, कुरूक्षेत्र सांसद राजकुमार सैनी, कांग्रेस तथा इनेलो सांसदों से भी साथ देने की अपेक्षा की है। ब्राह्मण आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरीराम दीक्षित, कौशिक खाप के उपप्रधान बलवान कौशिक, इंद्रप्रस्थ शिक्षण संस्थान के चेयरेमेन कपिल शर्मा, ब्राह्मण सभा के पूर्व प्रधान रामफूल शर्मा, डा. वेदप्रकाश, सतपाल शर्मा, प्रेम भारद्वाज,पवन शर्मा ने गुरूवार को बुलबुल टूरिस्ट कॉम्पलेक्स में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि देश-प्रदेश के जिन श्रद्धालुओं की आस्था माता बननभौरी में है, उनकी भावनाओं के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बड़ा भारी खिलवाड़ किया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों माता बनभौरी धाम का सरकारीकरण करने का जो तुगलकी फरमान सुनाया है, उसने मुगल जमाने के तानाशाह शासक औरंगजेब की याद दिला दी है। जिसने अपनी चौधर जमाने के लिए हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ किया था। शर्म की बात है कि मंदिर के नाम से सत्ता में आने वाली और लोगों के जहन में बसने वाली भाजपा सरकार आज मंदिरों पर कब्जा करने पर उतारू हो गई है। 200 साल पुराने माता के मंदिर जिसे 14 पीढिय़ां अपनी अथक आस्था और परिश्रम से सिंचती आई, उसका मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने सरकारीकरण करने का फैसला लिया। मुख्यमंत्री के इस निर्णय से न केवल ब्राह्मणों को चोट पहुंची है, अपितु देश के कई राज्यों में फैले हुए श्रद्धालुओं को आघात पहुंचा है। माता के करोड़ों श्रद्धालु आज मनोहर सरकार से सवाल पूछ रहे है कि अगर मुख्यमंत्री को इस मंदिर का सरकारीकरण करना है तो वे पहले गुरूद्वारों, मस्जिदों,डेरों तथा गिरिजाघरों का करें। किंतु मुख्यमंत्री में ऐसा करने की हिमाकत नहीं है। भाजपा सरकार उन्हीं सिढिय़ों को धराशायी कर रही है, जिसके बलबूते पर सत्ता में पहुंची। भाजपा सरकार ने बनभौरी धाम की सालाना आमदनी और वहां की व्यवस्था को आधार बनाकर उसका सरकारीकरण किया है। माता भनभौरी धाम में व्यवस्था भली-भांति अच्छी है। रही बात आमदनी की वह श्रद्धालुओं की श्रद्धा पर निर्भर है। अगर मां के भक्त वहां अपनी आस्था अनुरूप चढ़ावा चढ़ाते है, तो इसमें मुख्यमंत्री को दर्द नहीं होना चाहिए। अगर भाजपा सरकार ने आमदनी को लेकर मंदिर का सरकारीकरण किया है तो कल को गुरूद्वारों, मस्जिदों, गिरिजाघरों प्राइवे हस्पतालों तथा उन दुकानों का भी सरकारीकरण होगा, जो अपनी नेक नीति और परिश्रम के कारण फलीभूत हो चुके हैं। प्रदेश सरकार ने जो सरकारीकरण की तलवार लटकाई है, वह रंजिशन है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस रंजिशन के पीछे हरियाणा के मुख्यमंत्री के निजि सचिव राजेश गोयल और उनके इर्द गिर्द घूमने वाले गिने-चुने चंद लोगों का हाथ है। दीक्षित ने कहा कि प्रदेश सरकार का यह निर्णय ना केवल हरियाणा में अपितु देश भर में भाजपा को रसातल में पहुंचा देगा। क्योंकि ब्राह्मण, श्रद्धालु और समस्त संत-समाज माता बनभौरी धाम का सरकारीकरण किसी भी कीमत पर नहीं होने देगा। मंदिर का सरकारीकरण अगर प्रदेश के मुख्यमंत्री को करना है तो उसे लाखों लाशों से गुजरकर करना होगा। इससे पहले कि देश-प्रदेश में ये माता भक्त अपनी जान की आहुति दें, प्रदेश सरकार अपना तुगलकी फरमान वापिस लें। भाजपा के मैनेजर के इर्द-गिर्द घूमने वाले जिन लोगों ने मंदिर के सरकारीकरण के फरमान पर लड्डू बांट कर सराहना की है, उनको माता बनभौरी का प्रकोप नहीं छोड़ेगा। दीक्षित ने कहा कि अगर भाजपा सरकार के आला नेता और हरियाणा में उनके लोकसभा सांसद ब्राह्मणों, साधू-संतों और करोड़ों श्रद्धालुओं की कद्र करते है तो अपने अनुभवहीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल और चंद लोगों की टोली पर लगाम लगाएं। मंदिर के सरकारीकरण के विरोध में वे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नीतिन गडकरी, सुषमा स्वराज सहित कई केंद्रीय मंत्रियों के अलावा करनाल सांसद अश्विनी चोपड़ा, कुरूक्षेत्र सांसद राजकुमार सैनी, कांग्रेस तथा इनेलो सांसदों से भी साथ देने की अपेक्षा कर रहे है। अगर मुख्यमंत्री ने सरकारीकरण की अपनी हठ नहीं छोड़ी तो यह माना जाएगा कि वे हरियाणा को चौथी बार लहुलूहान करने की सोच रखते है। इस बार लहुलुहान माता के लाखों श्रद्धालु ब्राह्मण तथा साधू-संत अपनी जान न्यौछावर करेंगे। उन्होंने कहा इस विरोध के ट्रेलर जल्दी ही देश-प्रदेश के सामने दिखाएं जाएंगे। इससे पहले की कोई बड़ा जलजला उठे। प्रदेश की भाजपा सरकार अपना निर्णय वापस लें। 


गीता अविरल बहती ज्ञान की गंगा


गीता महोत्सव के तीसरे दिन बच्चों ने दी रंगारंगा प्रस्तुति
गोयल ने प्रदर्शनी स्टालों का किया अवलोकन

 जींद 
मुख्यमंत्री मनोहरलाल के निजी सचिव राजेश गोयल ने कहा कि गीता कोई धार्मिक गं्रथ नहीं है, यह अविरल बहती ज्ञान की गंगा है। जीवन को ऊपर उठाने के लिए हर व्यक्ति को इस ज्ञान की गंगा में डूुबकी लगानी चाहिए। पवित्र ग्रंथ गीता जीवन जीने की कला है। इस ग्रंथ में पथ से विमुख हुए व्यक्ति को सही रास्ता दिखाने का मादा है। 
राजेश गोयल वीरवार को गीता जयंती समारोह के तीसरे दिन स्थानीय दिवान बाल कृष्ण रंगशाला में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि पवित्र ग्रंथ गीता के ज्ञान को भारतवर्ष ही नहीं बल्कि पूरी दूनिया में माना जाता है। यह भी माना जाता है कि गीता सभी धर्मों का आधार है। सभी धर्म गीता के संदेश से ही प्रेरित है। आज पूरे विश्व में गीता के ज्ञान की धूम मची हुई है। आज भारत के साथ दुनिया के कई देश गीता जयंती मना रहे हैं। कई देशों में आज निर्धारित समय पर गीता के श्लोको का उच्चारण हुए है। कार्यक्रम में भी गीता के श्लोकों का उच्चारण किया गया है। 
मुख्यमंत्री के निजी सचिव ने कहा कि गीता सदकर्म करने का संदेश देती है। मनुष्य को जीवनभर सदकर्म करने चाहिए। गीता हर समस्या का समाधान है। इस पुस्तक में निहित प्रत्येक श्लोकों किसी न किसी समस्या, शंका का समाधान अवश्य करता है। इसलिए जिस व्यक्ति को जिस भी प्रकार की समस्या हो वह उसी प्रकार के श्लोकों का उच्चारण कर समस्या का समाधान कर सकता है। उन्होंने कहा कि गीता के ज्ञान को घर-घर पहुंचाने के लिए सरकार द्वारा सकारात्मक प्रयास किये जा रहे हैं ताकि देश एवं प्रदेश हर क्षेत्र में इसी प्रकार से तेजी से आगे बढ़ता रहे। 
प्रदर्शनी स्टालों का किया अवलोकन
समारोह स्थल पर गोयल ने विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनी स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने एक-एक स्टाल पर जाकर जानकारी हासिल की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सरकारी जन कल्याणकारी योजनाओं की अधिकाधिक जानकारी लोगों तक पहुंचाएं ताकि इन योजनाओं का लोग अधिकाधिक फायदा उठा सकें। उन्होंने जींद धरोहर का भी अवलोकन किया। उन्होंने धरोहरशाला में रखी वर्षों पुरानी वस्तुओं को काफी देर तक निहारा। राजा-महाराजाओं द्वारा लिखे गए पत्रों को भी पढ़ा। उन्होंने इन प्राचीन वस्तुओं के साथ फोटो भी बनवाए। वहीं कलाकारों एवं बच्चों ने मुख्यमंत्री के निजी सचिव के साथ सैल्फी भी ली। 
जब निजी सचिव ने सुनाया देश भक्ति की भावना से ओतप्रोत गीत
सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान कलाकारों द्वारा एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई। दर्शकों की मांग पर मुख्यमंत्री के निजी सचिव राजेश गोयल ने देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत एक गीत भी सुनाया। गीत के बोल कुछ इस तरह से रहे दम निकले इस देश की खातिर बस इतना अरमान है एक बार राह पै मरना सौ जन्मों के सम्मान है देख के वीरों की कुर्बानी अपना दिल भी डोला मेरा रंग दे बंसती चौला। वे जब इस गीत की प्रस्तुति दे रहे तब दर्शकों ने उनका पूरा साथ निभाते हुए उनके सुर में सुर मिलाया। 
निजी सचिव ने विजिटर बुक में लिखा एक्सीलैंट
गीता जयंती समारोह के हर दिन के कार्यक्रमों की शुरूआत करने के लिए मुख्य अतिथि को बुलाया जाता है। वीरवार के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के निजी सचिव को बुलाया गया। उन्होंने विजिटर बुक में हस्ताक्षर करते हुए कहा कि कुरूक्षेत्र के बाद जीन्द में मनाई गई गीता जयन्ती प्रदेश भर में सबसे शानदार रही है। इसके लिए उन्होंने विजिटर बुक में एक्सिलैंट शब्द भी लिखा। 
सांस्कृतिक समारोह कार्यक्रम में इन्होंने दी शानदार प्रस्तुतियां
कार्यक्रम में मोती लाल नेहरू वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ने समुह नृत्य, डीएवी सेंटेनरी स्कूल ने एकल नृत्य, गुरु द्रोणाचार्य पब्लिक स्कूल ने एकल नृत्य, गुरुकुल पांडू पिंडारा ने युगल नृत्य, जाट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जींद ने हरयाणवी ऑरकेस्ट्रा, गुरु द्रोएााचार्य पब्लिक स्कूल ने शिव एक्ट, महाराजा कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जींद ने समूह नृत्य, यदुवंशी समिति ईगराह द्वारा समूह नृत्य तथा अन्य कई स्कूलों ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। 
 श्री कृष्ण कृपा सेवा समिति जीन्द द्वारा गीता पाठ का किया गया आयोजन
श्रीकृष्ण कृपा सेवा समिति एवं श्री कृष्ण कृपा युवा मंच जींद द्वारा संयुक्त रूप से जयंती देवी मंदिर में गीता जयंती के पावन अवसर पर बहुत ही भव्य तरीके से अष्टादश श्लोकी गीता पाठ का आयोजन किया गया।  इस कार्यक्रम में 12 स्कूलों के लगभग हजार बच्चों एवं शहर के काफी गणमान्य व्यक्तियों ने बहुत ही उत्साह व खुशी से भाग लिया। सभी बच्चों एवं उपस्थित जनों ने सामूहिक रूप से गीता के अठारह अध्यायों में से एक एक श्लोक चुनकर तैयार किए गए गीता पाठ जिसे अष्टादश श्लोकी गीता पाठ का नाम दिया गया था का सभी ने बहुत आनंद लेते हुए गायन किया। समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में श्री राधे चरण पादुका सेवा समिति, विश्व हिन्दु परिषद, अन्न क्षेत्र जींद, गायत्री परिवार जीन्द आादि कईं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। आयोजित कार्यक्रम में शांति सदभाव प्रार्थना एवं गीता जी की आरती भी की गई। इस अवसर पर समिति के प्रधान कुंवर सुरेन्द्र सिंह एवं सरंक्षक मास्टर हरबंस लाल रल्हन ने सभी से गीता जी द्वारा बताए गए मार्ग पर चलने एवं उसे अपने जीवन में अपनाने का आहवान किया। अंत में समिति द्वारा सभी में प्रसाद का वित्तरण किया गया। 
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव पर निकाली गई शोभा यात्रा 



अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के तीसरे दिन शहर में नगर शोभा यात्रा निकाली गई। इसमें शहर की दो दर्जन से अधिक प्रतिष्ठित सामाजिक संस्थाओं ने भाग लिया। डीसी अमित खत्री ने श्री जयंती देवी मन्दिर से नगर शोभा यात्रा में शामिल झांकियों को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर डीसी ने जयंती देवी मन्दिर में विजय की देवी की अराधना करने उपरान्त नगर शोभा यात्रा को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने श्री लज्जा राम संस्कृति महाविद्यालय- गुरुकुल विद्यापीठ पांडू पिंडारा द्वारा तैयार की गई गीता की पालकी में श्री गीता ग्रंथ की आरती की। नगर शोभा यात्रा के दौरान शहीदे आजम युवा क्लब के सदस्यों ने श्रीकृष्ण सुदामा की झांकी निकाली। इसके साथ नगर शोभा यात्रा में लज्जा राम आश्रम की गीता पालकी में पवित्र ग्रंथ गीता को सुसज्जित कर रखा गया। ग्रंथ को पालकी में इस तरह से सजाया गया कि लोग इसके दर्शन कर सके। आश्रम के विद्यार्थी लगातार मंत्रोच्चारण कर रहे थे। सनातन धर्म, आर्दश रामलीला क्लब द्वारा तैयार की गइ झांकी में भगवान श्री कृष्ण को गीता का उपदेश देते हुए दिखाया गया। इसमें श्री कृष्ण की वेशभूषा में सजे कलाकार रास्ते में दिखाई देने वाले लोगों को अपना आर्शीवाद देते नजर आए। क्लब के प्रधान संतलाल चुघ व उसे साथियों द्वारा तैयार करवाया गया। भूतेश्वर तीर्थ विकास समिति द्वारा तैयार की गई झांकी में भगवान श्री कृष्ण व सुदामा के मिलन को दर्शाया गया। इसमें भीम सैनी व उनके साथियों ने सहयोग दिया। नगर शोभा यात्रा के दौरान शहीदे आजम भगत सिंह क्लब द्वारा निकाली गई झांकी में दूध पिलाती पूतना को दिखाया गया। श्री शिव रामलीला क्लब की झांकियों में कंस, वासुदेव तथा देवकी का चित्रण किया गया। वासुदेव कृष्ण और कृष्ण बलराम को झांकी के माध्यम से जीवंत किया गया। इसमें संत लाल शर्मा वं पंकज मदान की भूमिका सराहनीय रही। जींद कावड़ संघ के वेदप्रकाश, संत लाल चुघ द्वारा नगर शोभा यात्रा के दौरानफलों का वितरण किया गया। राधे चरण पादूका समिति की झांकी में महिलाओं ने भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं पर भजन संध्या का कार्यक्रम दिखाया। नगर शोभा यात्रा में गुरुकुल विद्यापीठ पाण्डु पिण्डारा के बच्चों ने यात्रा की अगवानी की और केसरी रंग ध्वज लेकर यात्रा के आगे-आगे चलकर इसे और भी आकर्षक बना दिया। शोभा यात्रा जयंती देवी मन्दिर से शुरू होकर पुरानी सब्जी मण्डी, शिव चौंक, झांज गेट, बैंड मार्किट, बैंक रोड़, टाऊन हाल, पालिका बाजार, रानी तालाब, शिव चौंक, गोहाना रोड़ बस अड्डा होते हुए डीसी कॉलोनी दिवान बाल कृष्ण रंगशाला में पहुंची।

स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीबी की न्यू डेली डोज की दी जानकारी

चार दिसंबर से 18 दिसंबर तक चलेगा डोर टू डोर सर्वे अभियान
 जींद 
कालवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीबी रोग की रोकथाम के लिए एक अभियान चला कर लोगों को जागरूक करने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस न्यू डेली डोज कार्यक्रम के  तहत कालवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंर्तगत आने वाले सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों ने भाग लिया। इस दौरान कालवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डा. अरूण और डा. संदीप लोहान ने स्वास्थ्य कर्मचारियों को चार दिसंबर से 18 दिसंबर तक चलने वाले टीबी रोग की रोकथाम के अभियान की विस्तृत जानकारी दी। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य कर्मचारी टीबी रोग के मरीजों का डोर-टू-डोर सर्वे करेंगे। डा. अरूण ने टीबी के लक्षणों के बारे में बताते हुए कहा कि दो सप्ताह से ज्यादा की खांसी टीबी हो सकती है। इसके लिए रोगी के बलगाम की जांच होनी चाहिए। टीबी के लक्षण में बुखार होना, भूख कम लगना, छाती में दर्द, वजन कम होना और बलगम के साथ खून का आना आदि टीबी के लक्षण हैं। चार दिसंबर से 18 दिसम्बर तक चलने वाले अभियान में दो सप्ताह से ज्यादा खांसी वाले मरीजों के  सैम्पल भी लिए जाएंगें। इस अवसर पर डा. अरूण ने स्वास्थ्य कर्मचारियों को लिंग अनुपात में सुधार करने के लिए भी अभियान चलाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर सुपरवाइजर सुमेश, राजबाला, राज सिंह, हरिओम, फू ल्ली देवी, स्वास्थ्य कर्मचारी हरेंद्र चहल, निर्मल आदि मौजूद रहे। 

...रजिस्ट्रड बेरोजारों में शामिल हो गए 2200 युवा

बेरोजगारी भत्ते के लिए 2200 युवाओं की फाइल अप्रूव
रोजगार कार्यालय विभाग ने बांटे 3000

जींद 
बेरोजगारी का आलम लगातार बढ़ता ही जा रहा है। साल दर साल जिला रोजगार कार्यालय के पास बेरोजगारों की रजिस्ट्रड संख्या बढ़ती ही जा रही है। हालांकि रोजगार कार्यालय द्वारा बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता भी मुहैया करवाया जा रहा है लेकिन आवेदन देने आने वाले युवाओं का कहना है कि उन्हें बेरोजगारी भत्ते की बजाए अगर रोजगार उपलब्ध करवा दिया जाए तो ये उनके लिए और अधिक बेहतर होगा। इससे वो रोजगार तो हासिल करेंगे ही साथ ही उनकी कार्य कुशलता भी बढ़ेगी। अधिकतर बेरोजगार या तो मजबूरीवश बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन कर रहे हैं या फिर एक अदद रोजगार के लिए अपना आवेदन विभाग को दे रहे हैं। फिलहाल जिला रोजगार कार्यालय के पास रजिस्ट्रड बेरोजगारों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 
इस साल विभाग ने बांटे तीन हजार फार्म
रोजगार कार्यालय विभाग द्वारा आए साल एक नवंबर से 30 नवंबर तक बेरोजगारों के लिए बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन मांगे जाते हैं। वर्ष 2017 में जिला रोजगार कार्यालय से आवेदकों ने लगभग तीन हजार फार्म लिए। इनमें से विभाग को बेरोजगारी भत्ते के अंतिम दिन यानी की वीरवार को जिलाभर से 2200 फाइलें मिली। जिन्हें अप्रूवल के लिए भेज दिया गया है और इन्हें भी सरकार की तरफ से बेरोजगारी भत्ते की किश्त उनके द्वारा उपलब्ध करवाए गए खाते में मिलने उपलब्ध हो जाएगी। 
विभाग के पास पहले ही चार हजार ले रहे हैं बेरोजगारी भत्ता
रोजगार कार्यालय में विभाग के पास वर्ष 2017 से पहले ही लगभग चार हजार बेरोजगार रजिस्ट्रड हैं। जिन्हें रोजगार कार्यालय द्वारा बेरोजगारी भत्ता उपलब्ध करवाया जा रहा है। अब इस वर्ष भी विभाग के पास लगभग 2200 युवाओं ने बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन किया है। जिसके चलते बेरोजगारी भत्ता लेने वालों की संख्या बढ़ कर लगभग 6300 तक पहुंच गई है। हालांकि रोजगार कार्यालय द्वारा बेरोजगारोंको 100 घंटे रोजगार देने के लिए सक्षम युवा योजना भी शुरू की गई है। इस योजना का फायदा उठाने के लिए युवाओं ने बड़ी संख्या में आवेदन किया है। आवेदन करने वालों में पीजी पास कर चुके युवाओं की संख्या अधिक हैं। 
कौन ले सकता है बेरोजगारी भत्ता
रोजगार कार्यालय द्वारा बेरोजगारी भत्ता लेने के लिए कुछ शर्तें भी रखी हुई हैं। जिनमें पुराने भत्ते के लिए आवेदक कम से कम 12वीं पास होना चाहिए। आवेदक की उम्र 21 से 35 वर्ष होनी चाहिए। परिवार के सदस्यों की आय तीन लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए और उसका रोजगार कार्यालय में एक नवंबर को नाम दर्ज कराए तीन वर्ष पूरे हो चुके हों। इसके साथ ही उसके पास पांच एकड़ से अधिक कृषि योग्य जमीन भी नहीं होनी चाहिए और रिहायशी और कॉमर्शियल जमीन या भवन की कीमत 10 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए। 
बेरोजगारी भत्ते के लिए 2200 फाइलें मिली : अंजू नरवाल
जिला रोजगार अधिकारी अंजू नरवाल ने बताया कि बेरोजगारी भत्ते के आवेदन का वीरवार के अंतिम दिन था। पिछले एक माह से युवा वर्ग द्वारा बेराजगारी भत्ते के लिए विभाग के पास आवेदन जमा करवाए जा रहे हैं। विभाग के अबतक 2200 फाइलें मिली हैं जिन्हें अपू्रवल के लिए भेजा जाएगा। विभाग द्वारा समय-समय पर बेरोजगारों के लिए रोजगार मेलों का भी आयोजन किया जाता है। इन मेलों में अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध हो, विभाग का यही प्रयास रहता है। 

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