Thursday, 8 November 2012

जब पुत्रियों ने दिया जगदीश को कंधा


नरवाना : डेरा सच्चा सौदा की साध संगत जहा जीते जी मानवता भलाई के कार्यो में अग्रणी रहती है, वहीं मरणोपरात शरीर दान व नेत्र दान करके समाज में अनोखी मिसाल कायम कर रही है। ब्लॉक नरवाना के बेलरखां निवासी जगदीश पुत्र भलेराम के शरीर त्यागने के बाद उनके परिजनों ने इच्छानुसार उनके नेत्र व शरीर दान कर समाज में अनोखी मिसाल कायम की। जिम्मेवार रामशरण ने बताया कि जगदीश के पार्थिव शरीर को अंबाला जिले के मुलाना में मेडिकल रिसर्च सेंटर में शोध के लिए भेज दिया गया है। भक्त ¨सह कालोनी वासी जगदीश 50 वर्षीय पुत्र भलेराम का बृहस्पतिवार हार्ट फेल होने से देहात हो गया। जिसके बाद उनके पुत्र सिकंदर व विजेंद्र ने उनकी आंखों को सिरसा अस्पताल में दान कर दी व उनके शरीर को मेडिकल रिसर्च हेतु महर्षि माडेश्वर साइंस रिसर्च कॉलेज मुलाना में दान कर दिया। इस अवसर पर उनकी बेटी एकता, भतीजी पूजा, बहन मंजीत व उसकी पुत्री गुरमीत ने कंधा देकर लड़का व लड़की के भेदभाव को मिटाते हुए बेटा बेटी एक समान का नारा दिया। इसके बाद साध संगत ने विनती का शब्द लगाकर उनके पार्थिव शरीर को कैनाल रोड से होते हुए विदाई दी। इस अवसर पर सात प्रेमी मंजीत, कुलदीप, वजीर, किताबा, कमल चावला, मनीष, सुखजीत, कृष्ण मुरारी, भीम ढाकल, हरिकेश उझाणा, ओमप्रकाश, जयप्रकाश, रणधीर सुजान बहनें, शाह सतनाम जी ग्रीन एस के सेवादार आदि मौजूद थे।

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