धान का सीजन शुरू होते ही खुली जिला प्रशासन व खरीद एजैंसियों के दावों की पोल
जींद। जिला प्रशासन व सरकारी खरीद एजैंसियों द्वारा अनाज मंडी में धान की सभी किस्मों की खरीद व उठान कार्य को तीव्रता से करने के सभी दावे खोखले साबित हो रहे हैं। सीजन शुरू होते ही जिला प्रशासन व खरीद एजैंसियों के दावों की पोल खुलनी शुरू हो गई है। शहर की रोहतक रोड स्थित नई अनाज मंडी में लगभग पिछले 10 दिनों से पी.आर. धान की खरीद नहीं हो रही है। खरीद एजैंसियों की लापरवाही के कारण धरतीपुत्रों का पीला सोना अनाज मंडी की सड़कों पर ही खराब हो रहा है। समय पर पी.आर. धान की खरीद नहीं होने के कारण अनाज मंडी में धान के ढेर लगे हुए हैं। फिल्हाल नई अनाज मंडी में लगभग 5 हजार क्विंटल पी.आर. धान बिक्री के लिए पड़ी हुई है लेकिन खरीद एजैंसियां धान की खरीद के लिए आगे नहीं आ रही हैं। खरीद एजैंसियां बारदाने की कमी बताकर खरीद कार्य से अपने हाथ पीछे खींच रही है।
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| फसल की खरीद नहीं होने पर नारेबाजी कर विरोध जताते किसान। |
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पी.आर. धान को दिखाते हुए किसान।
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| मंडी में फसल लेकर आए किसान जिनसे बात की गई। |
अनाज मंडिय़ों के कुछ आढ़तियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि खरीद एजैंसियां उन्हें पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध नहीं करवा रही हैं। बारदाना नहीं मिलने के कारण धान का उठान कार्य भी प्रभावित हो रहा है। आढ़तियों ने बताया कि फिल्हाल अनाज मंडी में अकेले पी.आर. धान का लगभग 5 हजार क्विंटल का स्टोक बिक्री के लिए पड़ा हुआ है। समय पर फसल की खरीद व उठान नहीं होने के कारण अनाज मंडी में पी.आर. धान के ढेर लग गए हैं और किसानों को फसल डालने के लिए पर्याप्त मात्रा में जगह उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
कांग्रेस सरकार के शासनकाल में अधिकारी बेलगाम हैं। अधिकारियों की लापरवाही के कारण समय पर फसलों की खरीद नहीं हो रही है। इससे किसानों का सारा समय अनाज मंडी में ही खराब हो रहा है। किसानों को फसल का सही मूल्य नहीं मिल रहा है। जबकि इनैलो के शासनकाल में किसानों को फसल के अच्छे भाव मिलते थे और मंडी में पहुंचते ही किसान की फसल खरीद ली जाती थी।
सुनील कंडेला
पूर्व प्रदेश महासचिव, युवा इनैलो
समय पर की जा रही है धान की खरीद
हैफेड द्वारा समय पर धान की खरीद की जा रही है। पी.आर. धान की खरीद के लिए हैफेड के अलावा एग्रो व एफ.सी.आई. के लिए अलग-अलग दिन निर्धारित किए गए हैं। हैफेड के पास बारदाने की कोई कमी नहीं है। आढ़तियों को समय पर पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध करवाया जा रहा है। फसल में निर्धारित मात्रा से ज्यादा नमी के कारण फसल का खरीद कार्य प्रभावित हो रहा है।
लक्ष्मीनारायण, डी.एम.
हैफेड



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