Sunday, 25 November 2012

कपास की फसल के साथ होगी गेहूं की बिजाई


 जींद
कृषि विभाग इस बार प्रदेश में किसानों को कपास की खड़ी फसल के साथ ही गेहूं की बिजाई भी कराएगा। इसके लिए सभी जिलों में कपास की खड़ी फसल के साथ गेहूं की बिजाई कराने के लिए लक्ष्य निर्धारित कर दिए गए हैं। जींद जिले में भी अकेले 60 एकड़ में कपास की खड़ी फसल के साथ गेहूं की बिजाई कराई जाएगी।
कृषि विभाग ने गत वर्ष प्रदेश में कपास की फसल रबी सीजन के दौरान भी खड़ी होने से कपास के साथ ही गेहूं की फसल की बिजाई कराने का निर्णय लिया था। पिछले वर्ष यह योजना केवल ट्रायल के रूप में शुरू की गई थी और इसके अच्छे परिणाम कृषि विभाग के सामने आए थे। खड़ी कपास के साथ गेहूं की बिजाई करने में किसानों को किसी प्रकार की दिक्कतें नहीं आई थी।
यही नहीं यह तरीका पंजाब जैसे राज्य में काफी समय से आजमाया जा रहा है। इसे देखते हुए कृषि विभाग ने पिछले वर्ष बाकायदा ट्रायल के रूप में अपनाया था, लेकिन इस वर्ष कृषि विभाग ने इस योजना को मूर्त रूप प्रदान कर दिया है। प्रदेश के अधिकतर जिलों में खड़ी कपास की फसल के साथ गेहूं की बिजाई कराने का निर्णय लिया गया है। जींद में भी 60 एकड़ में कपास के साथ गेहूं की बिजाई कराई जाएगी।
इसके लिए जींद के जींद, जुलाना, नरवाना व उचाना ब्लाक को चुना गया है, जो 15-15 एकड़ में खड़ी कपास की फसल के साथ गेहूं की बिजाई कराई जाएगी। कृषि विभाग के अधिकारियों को उम्मीद है कि इसके परिणाम काफी बेहतर सामने आएंगे और एक साथ दो फसल को लेने में भी दिक्कतें भी नहीं आएंगी।
खड़ी कपास के साथ गेहूं की बिजाई का काम पिछले वर्ष ट्रायल के रूप में किया गया था, जोकि काफी सराहनीय रहा। अबकी बार इस योजना को मूर्त रूप दिया गया है और बाकायदा 60 एकड़ में खड़ी कपास के साथ गेहूं की बिजाई कराई जाएगी। इसके लिए जींद, जुलाना, नरवाना व उचाना ब्लॉक को चुना गया है।
डॉ. रामप्रताप सिहाग, कृषि उप निदेशक, जींद

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