जींद। गांव बीबीपुर के युवकों ने कन्या भ्रूण हत्या के विरोध में बुधवार को आसपास के गांवों में पैदल यात्रा निकाली। पैदल यात्रा को हरी झंडी गांव के सरपंच सुनील कुमार जागलान ने दिखायी। इसके बाद युवाओं ने सबसे पहले अपने गांव बीबीपुर की प्रत्येक गली में कन्या भ्रूण हत्या के विरोध में नारव् लगाए। युवक अपने हाथों में कन्या भू्रण हत्या के विरोध में बैनर व फलैस भी लिए हुए थे। पैदल यात्रा की अगुवाई कर रहे जोगेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार कन्या भू्रण हत्या को रोकने के लिए कितने भी कानून यों न बना ले। लेकिन जब तक सरकार भ्रूण की जांच करने वाले चिकित्सकों पर शिकंजा नहीं कसेगी तब तब सरकार का एक भी प्रयास सफल नहीं हो पाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश का एक भी शहर ऐसा नहीं है, जहां भू्रण की जांच न होती हो। भू्रण की जांच के उपरांत जब यह मालूम होता है कि कन्या का भ्रूण है तो उसकी हत्या करवा दी जाती है। उन्होंने कहा कि हत्या चिकित्सक ही कर रहे हैं। जबकि सरकार ने ऐसे करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। बावजूद इसके चिकित्सक ऐसा कर रहे हैं। यही सबसे बड़ा प्रश्न है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोज कन्या भू्रणों की हत्या की जा रही है। लेकिन कितने चिकित्सक पकड़ में आ रहे हैं। यह बात किसी से भी नहीं छुपी है। पैदल यात्रा गांव बीबीपुर से शुरू होकर गांव बहबलपुर पहुंची और इसके उपरांत गांव घिमाना में पहुंची। पैदल यात्रा में शामिल युवकों की मांग है कि प्रशासन से जींद के चिकित्सकों को भू्रण जांच न कर पाए। इसकी व्यवस्था करव् और चिकित्सकों यह शपथ दिलायी जाए कि वे भ्रूण की जांच न करव्ं।
Wednesday, 27 June 2012
कन्या भ्रूण हत्या के विरोध में निकाली पैदल यात्रा गांव बीबीपुर से होते हुए गांव घिमाना पहुंची पैदल यात्रा गांव के सरपंच ने हरी झंडी दिखा रवाना की यात्रा
जींद। गांव बीबीपुर के युवकों ने कन्या भ्रूण हत्या के विरोध में बुधवार को आसपास के गांवों में पैदल यात्रा निकाली। पैदल यात्रा को हरी झंडी गांव के सरपंच सुनील कुमार जागलान ने दिखायी। इसके बाद युवाओं ने सबसे पहले अपने गांव बीबीपुर की प्रत्येक गली में कन्या भ्रूण हत्या के विरोध में नारव् लगाए। युवक अपने हाथों में कन्या भू्रण हत्या के विरोध में बैनर व फलैस भी लिए हुए थे। पैदल यात्रा की अगुवाई कर रहे जोगेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार कन्या भू्रण हत्या को रोकने के लिए कितने भी कानून यों न बना ले। लेकिन जब तक सरकार भ्रूण की जांच करने वाले चिकित्सकों पर शिकंजा नहीं कसेगी तब तब सरकार का एक भी प्रयास सफल नहीं हो पाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश का एक भी शहर ऐसा नहीं है, जहां भू्रण की जांच न होती हो। भू्रण की जांच के उपरांत जब यह मालूम होता है कि कन्या का भ्रूण है तो उसकी हत्या करवा दी जाती है। उन्होंने कहा कि हत्या चिकित्सक ही कर रहे हैं। जबकि सरकार ने ऐसे करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। बावजूद इसके चिकित्सक ऐसा कर रहे हैं। यही सबसे बड़ा प्रश्न है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोज कन्या भू्रणों की हत्या की जा रही है। लेकिन कितने चिकित्सक पकड़ में आ रहे हैं। यह बात किसी से भी नहीं छुपी है। पैदल यात्रा गांव बीबीपुर से शुरू होकर गांव बहबलपुर पहुंची और इसके उपरांत गांव घिमाना में पहुंची। पैदल यात्रा में शामिल युवकों की मांग है कि प्रशासन से जींद के चिकित्सकों को भू्रण जांच न कर पाए। इसकी व्यवस्था करव् और चिकित्सकों यह शपथ दिलायी जाए कि वे भ्रूण की जांच न करव्ं।
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