विद्यार्थियों को संस्कारवान बनाना ही परम उद्देश्य : रश्मि विद्यार्थी
जींद
डीएवी संस्था का प्रथम उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ संस्कारवान बनाना है इसी उद्देश्य को लेकर सफीदों के कली राम डीएवी स्कूल में आए दिन विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। विद्यार्थियों में अच्छे संस्कार भरने के लिए वि
द्यालय की प्राचार्या रश्मि विद्यार्थी सदैव प्रयासरत रहती हैं। अभिभावकों तथा अध्यापकों के लिए बच्चों का मोबाइल, इंटरनेट का अत्यधिक प्रयोग गहन चिंता का विषय बन गया है। बच्चों को मोबाइल के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए वीरवार को स्कूल में संस्कारशाला विषय का आयोजन करवाया गया। इस पर अध्यापिका सुनीता कंधवाल के द्वारा कहानी सुनाई गई। इसमें छात्रों को मोबाइल का सदुपयोग और दुष्परिणामों के विषय में गहनता से बताया गया। उन्होंने कहा कि अगर छात्र मोबाइल का प्रयोग सही दिशा में जानकारी एकत्रित करने में करेंगे तो इससे उनके ज्ञान में वृद्धि होगी। इसके अलावा छात्रों को फेसबुक जैसी सोशल नेटवर्किंग साइटों से दूर रहने का सुझाव दिया। मोबाइल के अत्यधिक प्रयोग से आंखों और मस्तिष्क पर खतरनाक प्रभाव पड़ता है। इसके विपरित बच्चों को पार्क अथवा मैदान में जाकर खेल खेलने चाहिए। इससे मानसिक और शारीरिक विकास होता है।
छात्रों ने भी बताए मोबाइल के दुरूपयोग
मोबाइल दुरूपयोग पर आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थी विभोर जैन और महक ने बताया कि इसका अत्यधिक प्रयोग हमें इस पर निर्भर बना देता है और हम अपने दिमाग का प्रयोग करना बंद कर देते हैं। हर विषय पर जानकारी उसी में खोजते हैं। हमें मोबाइल का कम से कम प्रयोग करना चाहिए । सिर्फ जरूरी समय में ही इसका उपयोग करना है। यह हमारी बुद्धि और विवेक पर निर्भर करता है कि हम इसका प्रयोग किस प्रकार करते हैं।
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